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आशिक़ों के महबूब के पैरो की धूल हूँ  Red Rose

हाँ मैं एक लाल गुलाब का फूल हूँ

होठों जैसे पंखुड़ियाँ मेरी कोमल

काँटों से बच के ज़रा कहीं हो न जाओ घायल

मैं तोहफा बनकर पहुँच जाता हूँ जहाँ

मुझे देख मुस्कुरा देता है सारा जहां

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