Hindi Poem on Vegetable Okra – हरी हरी भिन्डी

okra

मैं हूँ हरी हरी
बीजों से कुछ कुछ भरी भरी
मैं हूँ गोल तिकोनो में सजी धजी
छोटी छोटी पतली पतली
लगाती हूँ सफ़ेद बिंदी
खाओ मेरी सब्जी बनाके
करो चित्रकारी
या मुझे रंग लगा के
पालन पोषण मैं हूँ करती
मैं हूँ ओकरा मैं नहीं डरती
लेना हो जो मेरा नाम हिंदी
तो कह दो चाहिए तुमको भिन्डी

-अनुष्का सूरी

2 Commentsto Hindi Poem on Vegetable Okra – हरी हरी भिन्डी

  1. hello>>> i read your poems continuously…. as they r funny, inspirational, and many more…. now this time it is my humble request from you to post some poems on ”selfie”in hindi as my daughter wants it….

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