Hindi Poem on Money – मैं हूँ धन

काग़ज़ का एक छोटा सा टुकड़ा हूँ मैं   पर दुनिया पर राज करता हूँ कभी किसी की मुठ्ठी में कभी किसी की जेब में मैं बसता हूँ कभी मंदिर में चढ़ाया जाता कभी बैंक में मैं जमा हो जाता कभी सेठ की तिजोरी मैं भरता कभी गरीब की रोटी का इंतज़ाम हूँ करता हाँ […]

Hindi Poem on Peacock Bird-मोर

खोलूँ जब पंख अपने और बरसात में नाचूँ ज़ोर ज़ोर हूँ मैं बड़ा चित्‍त चोर हाँ मैं हूँ मोर पक्षियों का मैं कहलाता हूँ राजा मुरलीधर के मुकुट को मैं ही सजाता हाँ मैं वही मोर हूँ -अनुष्का सूरी Kholu jab pankh apne Aur barsaat mein nachu zor zor Hoon main bada chitt chor Haan […]

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