All posts by anushkasuri

Writer, Marketer, Singer, Motivator, Educator, Poet, Blogger, Author, Editor, Researcher who is following her passion in life.

Hindi Poem on Night-ये रात


raat

लायी है संग तारों की बारात
ये रात
जब छाया है घना अंधेरा
ये रात
जब सो चुके हैं सब लोग
ये रात
जब जाग रहे हैं कुछ लोग
ये रात
जब जलता है टिमटिमाता दिया
ये रात
जब होता है शांत समां
ये रात
जब कोई गीत गुनगुनाता है
ये रात
जब कोई किसी की याद में आंसू बहाता है
ये रात
जो लाती है नयी सुबह
ये रात
जो है जीत की तैयारी
ये रात
जब है सबको नींद प्यारी
ये रात
जब चाँद का होता है पहरा
ये रात
जब महकता है रजनीगंधा
ये रात
जब करें ह़म तुम बात
ये रात
जो आयेगी ना कल फिर
ये रात
जो निकल गयी कुछ बातों में
ये रात
सो जाओ कल करेंगे अब बाकी बात
-अनुष्का सूरी

 

Advertisements

Poem on New Year-नव वर्ष दिल से मनाओ


box-2953722_960_720
जो बीत गया पलों में उसको भूल जाओ,
मिलके ये नव वर्ष दिल से मनाओ,
प्यार से हँसते रहो,
प्यार से मुस्कुराओ,
बिखेर के हँसी हर चहरे पे
रोते चहरे को हँसाओ,
मिलके ये नव वर्ष दिल से मनाओ,
नव वर्ष का ये प्यारा हर लम्हा खास है,
लम्हे में छुपे हैं खुशियों के ख़ज़ाने,
लूट लो ये मिलके खुशियों के तराने,
खुशियों को प्यार से तुम इस वर्ष बुलाओ,
मिलके ये नव वर्ष दिल से मनाओ,
मंज़िल से कह दो इस वर्ष ना तू दूर है,
रास्तों से कह दो मंज़िल को सजाओ,
लेके दिया अंधेरे में हर तामस मिटाओ,
मिलके ये नव वर्ष दिल से मनाओ,
तरक्की हो समृद्धि हो,
हर घर में खुशहाली हो,
हर घर को खुशियों का जहां बनाओ,
मिलके ये नव वर्ष दिल से मनाओ|
-गौरव

Hindi Poem Expressing Pain of Peshawar Attack


लूट के ज़िंदगी वो मासूमों की ज़िंदगी को तार तार कर गये,
हज़ारों माँ-बापों को रुला के वो ज़िंदगी बेज़ार कर गये,
हर शाम अब तन्हा है ना घर में अब कोई शोर है, पसरी है वीरानियाँ, हर आंख में आँसुओं का ज़ोर है,
कभी देखते उस माँ का दिल जो अब कभी ना मुस्कुराएगा, अब ना किसी को कोई पापा कहके बुलायेगा,
रोती रहेगी अब हर आंख जब याद उनकी आयेगी, शायद अब उनकी दुनिया फिर ना मुस्कुराएगी,
इंसानियत के दुश्मनों ने दुनिया को ज़ार ज़ार कर दिया, बहके खून मासूमों का इंसानियत को तार तार कर दिया,
कौमों को जो दिखाते हैं धर्म की एक झूठी दुनिया उनमें ना खुदा का खौफ है, इंसानियत को तबाह करने का ये चला कैसा दौर है,
हर मुल्क हर जामूरीयत ये जान ले इंसानियत के दुश्मन तो सिर्फ दुश्मन हैं, जिनको मिटाके फिर से मुस्कुराना है,
ज़िंदगी को कहना है, हर आतंकी से जंग जीत जाना है,
फिर ना झेले कोई वंश ये पेशावॉर सा, फिर ना सूनी हो गोद किसी की, ना वीराना सा आंगन हो, यही खुदा से इल्तजा है, यही हर नरम आंख का कहना है|
-गौरव

Hindi Poem on Christmas – देखो क्रिसमस है आया


देखो क्रिस्मस है आया
सारा जहां है मुस्काया
सब तरफ क्रिस्मस ट्री हैं सजे
सॅंटा क्लॉस हैं तोहफे बांट रहे
रात को लाइट और सितारों की है चमक
दिन में क्रिस्मस केक की महक
साथ में हैं सब परिवार
ईसा मसि के जनम दिवस पर
आप सब को भी बहुत शुभकामनायें
क्रिस्मस में खूब धूम मचायें

Hindi Poem for Dear Brother-मेरा भाई तरुण 


boy-2578520_960_720 
मेरा भाई तरुण

सीधा सादा सा,

पतला सा लम्बा सा,
है मेरा तरुण.
प्यार सा लगता है जब वो बाते करता है
पर जेसा भी है मेरा भाई तरुण है..मस्ती मज़ाक करता है,
पर भावनाओं की कदर करना भी जानता है.
तस्वीरें एडिट करता है,
खुद को एडिटर कहता है,
तारीफ करो to चने के झाड़ पे चढ़ता hai,
पर जरूरत पड़ने पर साथ चलना भी जानता है..
जैसा भी है मेरा bhai तरुण है.परिवार उसकी जान है
दोस्त उसकी शान है और बहन का प्यार उसकी आन है..
जैसा भी है मेरा भाई तरुण है.जब भी आंसू देखता है मेरी आखों में
तो पूछता है क्या हुआ?
पागल ये नहीं जानता कि ये आंसू ग़म के नहीं
उस जैसे भाई के मिलने की खुशी के हैं..
चिढ़ाता है, परेशान करता है, कभी कभी रुला भी देता है,
पर मेरे होठों पे मुस्कुराहट लाना भी जानता है.
जैसा भी है मेरा भाई तरुण है.अकड़ू है, गुस्से वाला है, क्यूट है, भुलक्कड़ है,
पर अपने वादे निभाना जानता है वो.
जैसा भी है मेरा भाई तरुण है.छोटी छोटी बातें उसे समुन्दर जितनी लगती हैं,
बड़ी बड़ी बातें उसे प्याले जितनी लगती हैं,
टेन्षन लेता है, दुखी होता है, पर हंसना ख़ूब जानता है.
जैसा भी है मेरा भाई तरुण है.दोस्त है उसके बहुत पर उनमें कोई ख़ास भी है,
मस्ती करता है लड़कियों के साथ, पर अपनी हदें ख़ूब पेहचानता है..
जैसा भी है मेरा भाई तरुण है.जब मिलते हैं तब घंटों बाते किया करते हैं,
दिन कब शुरू होता है और रात कब खत्म होती है पता ही नहीं चलता,
बिन कहे समझ जाता है मेरे दिल की बात,
है ऐसा रिश्ता जो तोड़ने से भी ना टूटे..
दुआ है मेरी ये दोस्ती कभी ना छूटे…
जरूरत होती जब भी मुझे उसकी तो हमेशा साथ होता है मेरा भाई,
आशा है कि आगे भी साथ निभायेगा एक बहन का भाई..
जैसा भी है मेरा भाई तरुण है….

-कविता परमार 

Buy Now Buy Now
Buy Now Buy Now
Buy Now Buy Now
Buy Now Buy Now
Buy Now Buy Now
Buy Now Buy Now
Buy Now Buy Now
Buy Now Buy Now
Buy Now Buy Now
Buy Now Buy Now
Buy Now Buy Now
Buy Now Buy Now
Buy Now Buy Now
Buy Now Buy Now
Buy Now Buy Now
Buy Now Buy Now
Buy Now Buy Now
Buy Now Buy Now
Buy Now Buy Now
Buy Now Buy Now