All posts by anushkasuri

Writer, Marketer, Singer, Motivator, Educator, Poet, Blogger, Author, Editor, Researcher who is following her passion in life.

Hindi Poem on Mango-आम फलों का राजा


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कहते हैं इसको फलों का राजा
इस से बनता है स्लाइस और माज़ा
खाओ इसको ठंडा ठंडा
यही है असली मिठास का फंडा
इसका चाहे शेक बना लो
चाहे आइसक्रीम बना के खालो
चाहो तो गुठली को मिटटी में डालो
और इसका पेड़ लगा लो
कच्चा हो तो आचार बना लो
पका हो तो जूस बना लो
बूझो बूझो कौन है ये?
हाँ है ये वही रसीला आम
-अनुष्का सूरी

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Hindi Poem on Heart- मैं दिल हूँ


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सीने में धड़कता हूँ
बिन बोले तडपता हूँ
शायरों की दुनिया की मैं हूँ कहानी
मेरे बिना नहीं कोई ज़िंदगानी
जब तक मैं हूँ सीने में जवां
तब तक है सामने ये जहाँ
इधर हुई तबियत मेरी कुछ खराब
समझ लो खतम है साँसें अब जनाब
हाँ सही सोचा अपने
मैं हूँ आपका दिल

-अनुष्का सूरी

Shaadi – Hindi Poem on Marriage


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सोच सोच के किसी ने सोचा
कि शादी का क्या मतलब होगा?
बहुत सोचा पर कुछ ना सुझा
फिर कागज़ पे ये शब्द लिखा
और उसको किया जब उल्टा फ़ूलटा
तो अंत में ये नतीजा निकला
कि मत कहो इसे बर्बादी
क्योंकि इसी से तो है ये आबादी
जैसे दिशाहीन नाव को राह दिखाता एक मांझी
वैसे ही जीवन रुपी इस नाव को जो कीनारे पे है लाती
असल में यही तो है शादी
-अर्पन शाह

Hindi Poem on Night-ये रात


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लायी है संग तारों की बारात
ये रात
जब छाया है घना अंधेरा
ये रात
जब सो चुके हैं सब लोग
ये रात
जब जाग रहे हैं कुछ लोग
ये रात
जब जलता है टिमटिमाता दिया
ये रात
जब होता है शांत समां
ये रात
जब कोई गीत गुनगुनाता है
ये रात
जब कोई किसी की याद में आंसू बहाता है
ये रात
जो लाती है नयी सुबह
ये रात
जो है जीत की तैयारी
ये रात
जब है सबको नींद प्यारी
ये रात
जब चाँद का होता है पहरा
ये रात
जब महकता है रजनीगंधा
ये रात
जब करें ह़म तुम बात
ये रात
जो आयेगी ना कल फिर
ये रात
जो निकल गयी कुछ बातों में
ये रात
सो जाओ कल करेंगे अब बाकी बात
-अनुष्का सूरी

 

Poem on New Year-नव वर्ष दिल से मनाओ


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जो बीत गया पलों में उसको भूल जाओ,
मिलके ये नव वर्ष दिल से मनाओ,
प्यार से हँसते रहो,
प्यार से मुस्कुराओ,
बिखेर के हँसी हर चहरे पे
रोते चहरे को हँसाओ,
मिलके ये नव वर्ष दिल से मनाओ,
नव वर्ष का ये प्यारा हर लम्हा खास है,
लम्हे में छुपे हैं खुशियों के ख़ज़ाने,
लूट लो ये मिलके खुशियों के तराने,
खुशियों को प्यार से तुम इस वर्ष बुलाओ,
मिलके ये नव वर्ष दिल से मनाओ,
मंज़िल से कह दो इस वर्ष ना तू दूर है,
रास्तों से कह दो मंज़िल को सजाओ,
लेके दिया अंधेरे में हर तामस मिटाओ,
मिलके ये नव वर्ष दिल से मनाओ,
तरक्की हो समृद्धि हो,
हर घर में खुशहाली हो,
हर घर को खुशियों का जहां बनाओ,
मिलके ये नव वर्ष दिल से मनाओ|
-गौरव