All posts by anushkasuri

Writer, Marketer, Singer, Motivator, Educator, Poet, Blogger, Author, Editor, Researcher who is following her passion in life.

Hindi Poem for Dear Brother-मेरा भाई तरुण 


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मेरा भाई तरुण

सीधा सादा सा,

पतला सा लम्बा सा,
है मेरा तरुण.
प्यार सा लगता है जब वो बाते करता है
पर जेसा भी है मेरा भाई तरुण है..मस्ती मज़ाक करता है,
पर भावनाओं की कदर करना भी जानता है.
तस्वीरें एडिट करता है,
खुद को एडिटर कहता है,
तारीफ करो to चने के झाड़ पे चढ़ता hai,
पर जरूरत पड़ने पर साथ चलना भी जानता है..
जैसा भी है मेरा bhai तरुण है.परिवार उसकी जान है
दोस्त उसकी शान है और बहन का प्यार उसकी आन है..
जैसा भी है मेरा भाई तरुण है.जब भी आंसू देखता है मेरी आखों में
तो पूछता है क्या हुआ?
पागल ये नहीं जानता कि ये आंसू ग़म के नहीं
उस जैसे भाई के मिलने की खुशी के हैं..
चिढ़ाता है, परेशान करता है, कभी कभी रुला भी देता है,
पर मेरे होठों पे मुस्कुराहट लाना भी जानता है.
जैसा भी है मेरा भाई तरुण है.अकड़ू है, गुस्से वाला है, क्यूट है, भुलक्कड़ है,
पर अपने वादे निभाना जानता है वो.
जैसा भी है मेरा भाई तरुण है.छोटी छोटी बातें उसे समुन्दर जितनी लगती हैं,
बड़ी बड़ी बातें उसे प्याले जितनी लगती हैं,
टेन्षन लेता है, दुखी होता है, पर हंसना ख़ूब जानता है.
जैसा भी है मेरा भाई तरुण है.दोस्त है उसके बहुत पर उनमें कोई ख़ास भी है,
मस्ती करता है लड़कियों के साथ, पर अपनी हदें ख़ूब पेहचानता है..
जैसा भी है मेरा भाई तरुण है.जब मिलते हैं तब घंटों बाते किया करते हैं,
दिन कब शुरू होता है और रात कब खत्म होती है पता ही नहीं चलता,
बिन कहे समझ जाता है मेरे दिल की बात,
है ऐसा रिश्ता जो तोड़ने से भी ना टूटे..
दुआ है मेरी ये दोस्ती कभी ना छूटे…
जरूरत होती जब भी मुझे उसकी तो हमेशा साथ होता है मेरा भाई,
आशा है कि आगे भी साथ निभायेगा एक बहन का भाई..
जैसा भी है मेरा भाई तरुण है….

-कविता परमार 

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Hindi Poem on Mother-जो मां ना होती


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जो मां ना होती, तो क्या होता? 
सबसे पहले ये संसार ना होता
ममता की बरसात ना होती,  
प्यार की कोई बात ना होती
मां से बढ़ कर धीरज किसका?  
है सारे जग में तेज़ उसका 
उसके तन से काया ढलती है
ममता की छाया में औलाद पलती  है  
मां की छवी कैसी न्यारी 
सब बातें उसकी प्यारी प्यारी,  
दर्द सभी वो सह लेती है,    
दान जीवन का वो देती है,  
वो जननी है दुख हरणी है,
आँखों में आँसूं जब आते हैं,  
हाथ मां के सहलाते हैं,   
भगवान का एक वरदान है मां,  
हमारी ही पहचान है मां,
कभी दिल उसका जो रो उठता है,    
धीरज भी जब खो उठता है,    
मन को वो समझा लेती है, 
ममता की चादर में आँसूं सारे छुपा लेती है,  
आज ज़माना बदल गया है,  
चमक  दमक में सब ढल गया है,   
कभी बचपन खुद का याद करो,     
कुछ बीती बातें याद करो,  
मां की खुश्बू आयेगी, 
बहा तुम्हें ले जायेगी,   
होती है क्या प्यार की बारिश,   
सब कुछ हमें बतायेगी,    
ना दुखे कभी किसी मां का दिल,   
ये वादा ही तो करना है, 
अपनी मां के चरणों में,  
सर को ही तो धरना है, 
ममता का कोई मोल नहीं,    
बिन मांगे मिल जाती है,  
मां का भी कोई तोल नही,   
पीछे दुनिया रह जाती है|
-किरण गुलाटी 

Motivational Poem in Hindi-बढ़े चलो


यही हमारा नारा है
सर उठा के बढ़े चलो
झुकना नहीं गवारा है
चाहे हो आंधी या तूफान
नहीं रुकेगा अपना कारवां
मेहनत से जो चाहे हम पा लें
क्या धरती क्या आसमान
बढ़े चलो बस बढ़े चलो
यूँ ही चलना गवारा है
जो बढ़ते जाते है पथ पर
मज़िल वो पा जाते हैं
जो बीच राह सोच में पड़े
तो बस पड़े रह जायेंगे
उठो जागो बस बढ़े चलो
विजय पथ को तुम पा लो

 -अनुष्का सूरी 

Poem in Hindi on Philosophy-आवाज़ों से नहीं


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आवाज़ों से नहीं इंसानों से बात करता हूँ
आदमी हूँ आदमी से प्यार करता हूँ
खूब रहा मैं बनकर अजनबी खुद से
आज दिल-लगी करने की गुज़ारिश करता हूँ
ये ना समझो हमदर्द बहुत हैं इस शहर में
मैं आज भी दुश्मनों का इंतज़ार करता हूँ
जो पीते हैं नशीले जाम उनकी वो जाने
मैं तो आज भी गम का ज़हर पिया करता हूँ
ना जाने कब हो जाये खुदा का रहमों करम मुझ पर
दिन रात तुम्हारा सजदा किया करता हूँ
-अनुष्का सूरी

Hindi Poem on Father-मेरे पिताजी


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सबसे ठोस सबसे निडर
मैने किससे बनना सीखा जी?
हाँ उनसे ही
जो हैं मेरे प्यारे पिताजी
दफ्तर से जब भी आते हर बार
मेरे लिये लाते कुछ उपहार
सत्य, प्रेम और निष्ठा की राह पर चलना
मुझे है अपने पिताजी जैसा बनना
है मेरे गुरू, है मेरी शान
मेरे लिये हैं मेरे पिताजी महान
-अनुष्का सूरी