Tale of a Dying Woman – दीर्घ पथ

दीर्घ पथ पर एक अबला ,अपने क्षण को काट रही थी। नेत्र बुझे उसके दोनों थे,शायद आँखोँ में प्यास रही थी। नभ में अवतरित मेघ काले थे,मन मन में कुछ फुसफुसा रही थी। सफर कटा अब कटता ही चला,मृत्यु भी तो समीप ना आ रही थी। शायद दोपहर का पहर था वह,धूप नहीं वर्षा आ […]

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