Hindi Poems on Vegetables

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Hindi Poem on Vegetable Okra – हरी हरी भिन्डी

okra

मैं हूँ हरी हरी
बीजों से कुछ कुछ भरी भरी
मैं हूँ गोल तिकोनो में सजी धजी
छोटी छोटी पतली पतली
लगाती हूँ सफ़ेद बिंदी
खाओ मेरी सब्जी बनाके
करो चित्रकारी
या मुझे रंग लगा के
पालन पोषण मैं हूँ करती
मैं हूँ ओकरा मैं नहीं डरती
लेना हो जो मेरा नाम हिंदी
तो कह दो चाहिए तुमको भिन्डी

-अनुष्का सूरी

Hindi Poem On Potato- मैं आलू हूँ

दिखने में भूरा हूँ Potato
शकल से भालू हूँ
हाँ मैं आलू हूँ
मुझे समोसे में है भरते
कभी कट्लेट बना के तलते
कभी मैं हूँ बैंगन का साथी
कभी मटर का साथ निभाता
कोई मुझे उबाल के खुश है
कोई है तलकर फ्रेंच फ्राइस बनाता
मेरे साथ पूरी कचौड़ी खाओ
मेरे परांठे लस्सी के साथ चबाओ
सब सब्जियों के साथ निभालूँ
हाँ मैं हूँ वही आलू