Hindi Poem on Independence Day: स्वप्निल हिंदुस्तान


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स्वप्निल हिंदुस्तान

ऐसा देश हमारा हो,

गर्व से मस्तक उन्मुख हो,

ऐसा स्वाभिमान हमारा हो ,

ऐसा देश हमारा हो |

 

क्या राजा क्या प्रजा ,

किसी का एकाधिकार ना हो ,

वस्त्र ,विहार,आहार , सर्वसुलभ हो ,

ऐसा देश हमारा हो |

जैसा इतिहास था ,

उससे उज्जवल भविष्य हो ,

समाहित हो जाये पश्चिम ,

जो प्रबल है पूरब की ओऱ ,

इतनी विशाल संस्कृति हमारी हो ,

ऐसा देश हमारा हो |

 

तम को चीरता ,

सूरज की पहली किरण से,

हर रोज एक हँसता हुआ ,

सबेरा हो ,

ऐसा देश हमारा हो |

अज्ञान का अंधकार कभी ना होने पाये ,

हर घर में ज्ञान का ,

एक दिया आलोकित हो ,

ऐसा देश हमारा हो |

 

 

भर दो यहाँ के दिलो में ,

इतना प्यार ,

वसुधैव कुम्ब्कम्ब ,

हमारी पहचान हो ,

ऐसा देश हमारा हो ,

ऐसा स्वप्निल हिंदुस्तान हमारा हो

-प्रियांशु शेखर 

Hindi Poem on Life – Jeevan Kram


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जीवन क्रम
हर पल हमें कुछ
सिखाती है ज़िन्दगी
भेद हर रिश्ते का
बताती है ज़िन्दगी
फँस माया के जाल में
रहते मद से चूर है हम
खुल जाती है आँख कभी तो
असलियत कई बार
दिखती है ज़िन्दगी
नहीं ज़रूरी
हर रास्ता हो गुलज़ार
कभी काँटों की चुभन भी
महसूस कराती है ज़िन्दगी
गहरा है रिश्ता बहुत
फूल और काँटों का
मेल उनका भी कभी
दर्शाती है ज़िन्दगी
जीवन के हर पहलू से
वाकिफ कराती है ज़िन्दगी
भूले रहते हैं
दिन और रातों में हम
सच्चाई जीवन की
बताती है ज़िन्दगी
सामना तूफानों से हो जाता है अक्सर
बहारों और फिज़ाओं का ही
नाम है ज़िन्दगी
फ़िज़ाएं एक सी रहती नहीं
कभी धुप तो
कभी छाँव है ज़िन्दगी
हसीं मंज़ाओं में कभी
खो जाते हैं हम
कभी पतझड़ का मौसम भी
लाती है ज़िन्दगी
इस जीवन में
हर चीज़ के पहलु हैं दो
कभी रुलाती
तो कभी हंसाती है ज़िन्दगी
समझ पाएं कभी
जो जीवन क्रम को हम
तो बस आने और जाने का
नाम है ज़िन्दगी
-किरण गुलाटी

Hindi Poem on Mango-आम फलों का राजा


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कहते हैं इसको फलों का राजा
इस से बनता है स्लाइस और माज़ा
खाओ इसको ठंडा ठंडा
यही है असली मिठास का फंडा
इसका चाहे शेक बना लो
चाहे आइसक्रीम बना के खालो
चाहो तो गुठली को मिटटी में डालो
और इसका पेड़ लगा लो
कच्चा हो तो आचार बना लो
पका हो तो जूस बना लो
बूझो बूझो कौन है ये?
हाँ है ये वही रसीला आम
-अनुष्का सूरी

Hindi Poem on Heart- मैं दिल हूँ


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सीने में धड़कता हूँ
बिन बोले तडपता हूँ
शायरों की दुनिया की मैं हूँ कहानी
मेरे बिना नहीं कोई ज़िंदगानी
जब तक मैं हूँ सीने में जवां
तब तक है सामने ये जहाँ
इधर हुई तबियत मेरी कुछ खराब
समझ लो खतम है साँसें अब जनाब
हाँ सही सोचा अपने
मैं हूँ आपका दिल

-अनुष्का सूरी

Shaadi – Hindi Poem on Marriage


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सोच सोच के किसी ने सोचा
कि शादी का क्या मतलब होगा?
बहुत सोचा पर कुछ ना सुझा
फिर कागज़ पे ये शब्द लिखा
और उसको किया जब उल्टा फ़ूलटा
तो अंत में ये नतीजा निकला
कि मत कहो इसे बर्बादी
क्योंकि इसी से तो है ये आबादी
जैसे दिशाहीन नाव को राह दिखाता एक मांझी
वैसे ही जीवन रुपी इस नाव को जो कीनारे पे है लाती
असल में यही तो है शादी
-अर्पन शाह

Amazing Hindi Poetry Collection

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