Basant Panchmi Hindi Poem – आया बसंत


देखो देखो है आया बसंत Basant Panchmi

अब हो जायेगा पाला अंत

चारों तरफ फूलों की चादर बिछी है

कितनी सुन्दर ये धरती सजी है

पीले रंग की है छाई बहार

मुबारक हो आपको बसंत पंचमी का त्यौहार

-अनुष्का सूरी

Hindi Poem on Flower – फूल


मुझे खिला हुआ देख है सब चहरे खिल जाए Flower

मेरी खुशबू सब दिशाओं को है महकाए

कभी बागों में कभी घर में और कभी बालों में जाऊँ सजाए

मुझे तोहफा देकर आशिक़ रूठा यार मनाए

लाल, पीला, गुलाबी, नीला, सब रंग सबको भाय

जिसकी प्यारी प्यारी कलियाँ सबके दिल को लुभाय

हाँ मैं वही हूँ जो धरती पर फूल कहाय

-अनुष्का सूरी

Hindi Poem on Heart- मैं वही दिल हूँ


सब के अंदर धड़कता हूँ human-heart
हाँ मैं वही दिल हूँ
मेरे बिना है जीना मुश्किल
अगर हो जाऊँ बीमार तो मरना होगा तिल तिल
हाँ मैं वही दिल हूँ
मुझे लेकर हैं आशिक़ रचनायें रचते
मेरे खोने बदलने के होते हैं चर्चे
हाँ मैं वही दिल हूँ

-अनुष्का सूरी

Amazing Hindi Poetry Collection

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