आधुनिकता और हम

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Hindi Poem on Modernization-आधुनिकीकरण पर कविता

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आधुनिकीकरण
आधूनिकरण ने देखो क्या किया कमाल है
बात-बात पर अब उठता सवाल है
शुद्धिकरण का अब वो ज़माना नहीं रहा
हर तरफ मिश्रण का अब बोलबाला है
नीम की दाँतून के ज़माने गुज़र गये
अब तो कॉलगेट में भी मचा बवाल है
लाईन में लगने का झंझट ही नहीं रहा
सब कुछ पास होते हुए भी बुरा हाल है
कोसों दूर की खबरें पल भर में पहुँचे
तकनीक ने ऐसा बिछाया जाल है
ज़मीन-आसमान अब एक हो गये
हवाई-जहाज़ इन दोनों की बनी जो ढाल है
गौर से देखो सच्चाई का आइना
बढती उम्र पर भी मेक-अप की चाल है
कम्प्युटरीकरण का दौर तो देखो
हर रोज़ बाजार में होता धमाल है
वाह !वाह रे आधुनिकीकरण तु तो बेमिसाल है।
-गरीना बिश्नोई