Tag Archives: जीवन पर कविता

Hindi Poem Encouraging Change-Badalte Zamaane Ke Sath


sea-2915187__340

बदलते ज़माने के साथ

बदलते ज़माने के साथ हम भी बदलते गए
जीवन में वक्त के साथ बदलते रंगो को जीवन में भरते गए।
ज़माने में हर तरह के लोग मिले
बस सब के साथ कदम मिलाकर आगे बढते गए
हमारी तो क्या औकात है
रास्ता तो ईश्वर ने दिखाया
बस हम तो उस पर चलते गए।
बदलते ज़माने के साथ हम भी बदलते गए,
बदलते ज़माने के साथ हम भी बदलते गए।।

बचपन की यादों को साथ लिए
हमने जवानी में कदम रखा है।
बचपन तो बीत गया खेल कूद में
अब तो वक्त ने भी अपना रुख बदल रखा है,
जीवन के हर मोड़ से बचपन हो या जवानी
हम तो बस सीखते चले गए
बदलते ज़माने के साथ हम भी बदलते गए,
बदलते ज़माने के साथ हम भी बदलते गए।।

-रोहित 

Advertisements

Hindi Poems on Motivation-तू लड़ तो सही मेरे यार


तू लड़ तो सही मेरे यार
तू होगा सफल मेरे यार
खुद पर भरोसा रख
तू होगा सफल मेरे यार
ये जुनून जो बीतर है,
उसको बहार तो ला मेरे यार
सब कुछ फतेह करेगा तू
बस लड़ तो सही मेरे यार
किस बात का डर है यार
तू भाहर तो निकल यार
तू फौलादी सीना है
सब को दिखा दे यार
तू लड़ तो सही मेरे यार
अब पीछे नहीं जाना है
बस आगे बढ़ना है
मंजिल पाकर अब वापस आना है यार
बस तू लड़ तो सही मेरे यार

-अनुभव मिश्रा

Tu lad to sahi mere yaar
Tu hoga safal mere yaar
Khud pa bharosa rakh
Tu hoga safal mere yaar
Ye janoon jo bhitar hai
Usko bahar to laa mere yaar
Sab kuch fatah karega tu
Bas lad to sahi mere yaar
Kis baat ka dar hai yaar
Tu bahar to nikal yaar
Tu fauladi sina hai
Sab ko dikha de yaar
Tu lad to sahi mere yaar
Ab piche nahi jana hai
Bas aage badna hai
Manjil pa kar ab bapis aana hai yaar
Bas u lad to sahi mere yaar

-Anubhav Mishra

Hindi Poems on Life-ज़िन्दगी का खेल


ज़िन्दगी का खेल निराला है
दुख सुख का पिटारा है
एक बात समझ में आ गई
पैसों का ही बोलबाला है यहां
खुशी भी पैसों से खरीदी जाती है
ओर गम भी पैसों की कमी से आता है
लड़ लेते हैं लोग अपनो से तब
कोई रिश्ता समझ नहीं आता है
ना जाने कितनो की ज़िन्दगीयो से
खेलेगा ये कागज का टुकड़ा
क्या बदलेगी ये दुनिया या फिर
मुझे बदलना होगा
सोच रही हूँ कब से
अब क्या करना होगा ? ?

-नेहा कुमारी

Zindagi ka khel nirala hai
Dukh sukh ka pitara hai
Ek baat smajh mein aa gayi
Paiso ka bolbala hai yhan
Khushi bhi paiso se kharidi jati hai
Aur gam bhi paiso ki kaam se aata hai
Lad lete hai log apno se tab
Koi rishta smajh nahi aata hai
Na jane kitno ki zindagiyon se
Khelega ye kagaz ka tukda
Kya badlegi ye duniya ya fir
Mujhe badalna hoga
Soch rahi hoon kab se
Ab kya karna hoga

-Neha kumari

Motivational Poems on Life – जीवन एक युद्ध


जीवन है एक अटल युद्ध..
तुझको लड़ना होगा ।
जीना-मरना घायल होना,
अटल सत्य होगा ।।
बढ़ता जा तू पवन-वेग से,
रहना अडिग, सीख ले तरु से,
ज्योतिर्मय कर, निकल जिधर से,
मग छायामय, कर दे मरू के….
राहें रुक भी जाएं,
तबभी तुझको चलना होगा…
जीवन है एक अटल युद्ध,
तुझको लड़ना होगा ||
रण भेरी की तान तरंगित,
घेर खड़े, योद्धागण अगणित,
होगा तू अरिमध्य अकेला,
बदले संबंधों से शंकित,
साथ पराए देंगे,
दुश्मन कोई अपना होगा…
जीवन है, एक अटल युद्ध,
तुझको लड़ना होगा ।।
स्वर्ग लोक बैठा चतुरानन,
तू दिग्भ्रमित, देख जग कानन,
स्वप्न धरे के धरे रहेंगे,
इच्छाओं के महामेरू मन…..
सांसे डोर झुलायेंगी,
सुख-दुख का पलना होगा….
जीवन है एक अटल युद्ध,
तुझको लड़ना होगा ।।
नर सा जीव नहीं कोई उत्तम,
राष्ट्रभक्ति ही भक्ति महत्तम,
मातृभूमि की एक पुकार सुन….
मृत्यु-वरण कर अमर नरोत्तम,
जन छलकेगी जिस दिन,
तेरा गवना होगा…
जीवन है एक अटल युद्ध,
तुझको लड़ना होगा ।।

-डॉ. रविन्द्र उपाध्याय “गुंजन”

Jeevan hai ek atal yudh
Tujhko ladna hoga
Jeena marna ghayal hona
Atal satya hoga
Badta ja tu pawan – beg se
Rehna adig sikh le taru se
Jyotirmaya kar nikal jidhr se
Mag chayamaya kar de maru ke
Rahein ruk kbhi jaye
Tab bhi tujhko chalna hoga
Jeevan hai ek atal yudh
Tujhko ladna hoga
Ran bheri ki taan tarangit
Gher khade yaudhagan aganit
Hoga tu arimadhya akela
Badle sambandho se shankit
Sath paraye denge
Dushman koi apna hoga
Jeevan hai ek atal yudh
Tujhko ladna hoga
Swarg baith chaturanan
Tu digrbhramit dekh jag kanan
Swapn dhare ke dhare rahenge
Ichchao ke mahameru man
Saanshein dor jhulayengi
Such dukh ka palan hoga
Jeevan hai ek atal yudh
Nar sa jeev nahi koi uttam
Rashtrabhakti hee bhakti hi mehttam
Matrbhumi ki ek pukar sun
Mrityu varan kar amar narottam
Jan chhalkegi jis din
Tera gawana hoga
Jeevan hai ek atal yudh
Tujhko ladna hoga

– Dr. Ravinder Upadhayay “Gunjan”

Hindi Poem on Motivation – क्या बात करूँ


क्या बात करूँ मैं लोगो की
सब आप बताये बैठे है
कुछ दर्द छुपाये बैठे है
कुछ ख़्वाब छुपाये बैठे है

कुछ हस्ते है ऊपर ऊपर
कुछ रोते है नकली नकली
कुछ बातें ऐसे करते है
संसार चलाये बैठे है

सच झूठ किसी की बातों का
कुछ पता नहीं चलता अब तो
कुछ के सच भी अब झूठ लगे
कुछ झूठ चलाये बैठे है

ख्वाबों का पर्दा यहाँ पर अब
बंद सा है खुलता ही नहीं
संसार समाज सभी अपने
अधिकार बताये बैठे है

इस दुनिया में अगर कुछ करना है
अपनी मर्ज़ी की करना तू
हो सफल अगर तो बात ही क्या
पर न हो तो मत डरना तू

बस चलता जा तू सही डगर
और पीछे कभी न मुड़ना तू
जब पहुंचेगा तू मज़िल पर
वो बात अलग ही सी होगी

तुझसे मिलने को सब “वोह ” लोग
कतार लगाये बैठे है

-मुसाफ़िर

Kya baat karu mein logo ki,
Sab aap bataye baithe hai.
Kuch dard chupaye baithe hai,
Kuch khawab chupaye baithe hai.

Kuch haste hai upar upar,
Kuch rote hai nakli nakli.
Kuch baatein aesi karte hai,
Sansar chalye baithe hai.

Sach jhooth kisi ki baaton ka,
Kuch pata nhi chalta ab toh.
Kuch ke sach bhi ab jhooth lage,
Kuch jhooth chalye baithe hai.

Khwabon ka parda yaha par ab,
Band sa hai khulta hi nahi.
Sansar samaj sabhi apne,
Adhikar bataye baithe hai.

Is duniya me agar kuch karna hai,
Apni marzi ki karna tu.
Ho safal agar to baat hi kya,
Par na ho to mat darna tu.

Bas chalta ja tu sahi dagar,
Or peeche kabhi na mudna tu.
Jab pahuchega tu manzil par,
Vo baat alag hi si hogi,

Tujhse milne ko sab “voh” log,
Kataar lagaye baithe hai..

-Musafir