hindi Poem on Plight of a Woman – Tum Kaun Ho

तुम कौन हो (कविता का शीर्षक ) तुम चांद की चंचल चांदनी,या नवल पात पतझड़ की हो,तुम ओस बूंद की मोती,या आंखों की सबकी ज्योति हो,हर लेती सब कष्ट पल में,क्या शमशान की भभूती हो,!तुम सरयू का किनारा ,या गंगा की अमृत धारा हो,गज़ब के गीत हो तुम गाती,क्या राग तुम्ही मल्हार हो..!!तुम भानु की […]

Hindi Poem on Crime Against Women – Choti Si Gudiya

छोटी सी गुड़ियामाँ और बाबुल कीखुशियों की पुड़िया नाज़ों से उसको था पालाज़माने की बुरी नज़र सेसदा उसको संभाला लेकिन विधाता कोथा कुछ और ही मंज़ूरदरिंदों राक्षसों के हाथोंहुई वो चकना चूर न हैवानियत की कोई हद्द हैऔर अगर कोई थी भीतो वो सब अब रद्द है आज तो समाज मेंक्रूरता और छल काहै नंगा […]

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