Hindi Poem on Water-पानी है धरती की शान

पानी है धरती की शान, पानी बचत हमारा काम जीवन का ऐसा कोई काज नही, बिना नीर हो उसका नाम अम्बु है अम्बर तक फैला, सजते सागर नदी तालाब गीता और कुरान कहे है, बिन जल बजे न कोई राग धरा में जल का सीमित भंडार, जल सरंक्षण है हमारी जान बिन जल के समस्त […]

Hindi Poem on Towel – तौलिया पर कविता

नहाने के समय मैं याद आता गीले शरीर को हूँ मैं सुखाता लपेट लो कमर पर धोती जैसे या फिर सर पर पगड़ी जैसे खलाड़ियों का बहता पसीना सूखा दूँ खान पान वस्त्र पर गिरने से बचा लूँ करता हूँ मैं सब काम बढ़िया हाँ मैं हूँ आपका आम तौलिया -अनुष्का सूरी How to read: Nahane […]

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