Tag Archives: ज़िन्दगी पर कविता

Motivational Hindi Poem-Zindagi


ज़िन्दगी (कविता का शीर्षक)
कभी कभी कुछ चीज़ें
अपने मन की भी कर लेनी चाहियें
क्योंकि ये जिंदगी बहुत छोटी है
उसे बस जी लेनी चाहिए
हर मोड़ पर आई रुकावटों का
सामना कर लेना चाहिए
हार मत मानना क्योंकि
ये जिंदगी एक ही है
उसे बस जी लेनी चाहिए
-मानसी गावंड (कवयित्री)

English Translation:

Zindagi (Life) (Title of the Poem)

Kabhi kabhi kuch cheezein (Sometimes few things)

Apne man ki bhi kar leni chahiye (should be done following your heart)

Kyonki ye zindagi bahut choti hai (Because this life is very short)

Use bas jee leni chahiye (We should live/enjoy our life)

Har mod par ayi rukawato ka (The hurdles we face at each step)

Samna kar lena chahiye (We must face them with courage)

Har mat maan na kyonki (Do not accept defeat because)

Ye zindagi ek hi hai (You have only one life to live)

Use bas jee leni chahiye (You must enjoy it)

-Mansi Gawand (Poetess)

Hindi Poem on Objects-हाँ हूँ मैं


हाँ हूँ मैं
नया अभी
कवि नहीं
कवि कभी
जो चाहे कह लो,
जो सोचो
वही सही
हा पर मैं
हूँ कही
था सही
हूँ सही
मन की बात
कहुँ कभी
पर माने मेरी
कोन सही
पागल हूँ मैं
यही सही
क्यो भाई
“हाँ सही”
समाज अभी
क्या कहे
पल में बदले
देखो सभी
जाने कहाँ
मुझे अभी,
अभी कुछ भी
ना सही,
हा कहे
सो कहे
बेकार मुझे
ना कहे
अभी शुरू
हूँ ही,
क्या कहूँ
क्या कहूँ
नया रूप
देख मेरा
मुझसे पूछे
सब अभी
ना कहूँ
क्या कहूँ
“अभी बस शुरूआत सही”
अभी नहीं
अभी नहीं,
हाँ कुछ हूँ
पर अभी नही
याद करेगे
कभी कभी,
इक पागल था
यही कही
हाँ हूँ. मैं
नया अभी
कवि नहीं
कवि कभी
– मनोज कुमार बदलानी

Hindi Poems on Emotions- छोड़ आए


young-people-412041_960_720

बहुत पुराना घर छोड़ आए,
हम उन आँखों को तन्हा अकेला छोड़ आए,
गलियों से निकले कूचे छोड़ आए,
आँखों से निकले आंसू छोड़ आए,
दोस्ती के पुराने दोस्त छोड़ आए,
शहर क्या आ गए गाँव छोड़ आए,
चलते चलते ये किधर चले आए,
अकेले रह गए सब छोड़ आए,
समुन्दर में कितने भवंर छोड़ आए,
मोहबत के हसीं सफर छोड़ आए,
शामों में चुलबुली राते छोड़ आए,
सुबह की वो पहली किरण छोड़ आए,
कोयल की कूकती कूक छोड़ आए,
वो वारिस की पहली फूआर छोड़ आए,
ये कैसे पल आये की सब छोड़ आए,
क्यों तन्हा अकेला तुम्हे छोड़ आए,
क्यों बहुत पुराना वो घर छोड़ आए।

-गौरव

Bahut purana ghar chhod aaye
hum un aankhon ko tanha akela chhod aaye
galiyon se nikle kuche chhod aaye
aankhon se nikle aansu chhod aaye
dosti k purane dost chhod aaye
shar kya aa gye gaon chhod aaye
chalte chalte ye kidhar chle aaye
akele reh gye sab chhod aaye
smunder me kitne bhbar chhod aaye
mhhobbat k hasi sfr chhod aaye
shamo me chul buli raatein chhod aaye
subh ki wo phli kiran chhod aaye
koyal ki kukti kuk chhod aaye
wo barish ki phali faar chhod aaye
ye kese pal aaye ki sab chhod aaye
kyon tanha akela tumhe chhod aaye
kyon purana ghr chhod aaye

-Gurav