Hindi Poem on Bank – बैंक पर कविता

सबके धन का जमा खाता मेरे पास है हर कोई पाता कोई डी डी कोई चेक भरता मैं सबको हूँ आदर करता मेरे पास करवाओ फ डी या तुम करवालो र डी अब मैं बेचता हूँ म्यूच्यूअल फण्ड मैं ऑनलाइन हूँ कभी न बंद हाँ भाई हाँ तुमने सही जाना मैं हूँ बैंक तुम्हारा साथी […]

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