Hindi Poem on New Year

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Hindi Poem on New Year Blessings-Nav Varsh Ka Shubhashish

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नववर्ष का शुभ आशीष
हो उन्नत धरा अनाजों से,
हो विकसित नर विचारों से,
न जन्में लड़का और लड़की,
बस आंगन खिले संतानों से,
आगे बढ़ें मिल सब धर्म यहाँ,
प्रेम स्वर निकले हर इंसानों से,
यही सिखा गया हमें बीता अतीत,
है यही नव वर्ष का शुभ आशीष।
-मयंक गुप्ता

Hindi Poem on New Year Eve-Naya Varsh

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नया वर्ष
बीते वर्षों ने मिलकर
एक बैठक बुलाई
आओ नये वर्ष की दुल्हन को
देते हैं बधाई
हवा से कह दो कि
गगन सारा महकाए
फूलों से कह दो कि
वर्षा बन कर आए
इन भंवरो से कह दो कि
कोई गीत सुरीला गाए
सूरज की लाली से
इस की माँग सजाएं
इस मिट्टी से कह दो कि
कलश यह बन जाए
नये वर्ष की दुल्हन को
आओ गृह प्रवेश करवाए
-गरीना बिश्नोई