Category Archives: Hindi Poem on New Year

Hindi Poem on New Year Blessings-Nav Varsh Ka Shubhashish


dance-3134828__340

नववर्ष का शुभ आशीष
हो उन्नत धरा अनाजों से,
हो विकसित नर विचारों से,
न जन्में लड़का और लड़की,
बस आंगन खिले संतानों से,
आगे बढ़ें मिल सब धर्म यहाँ,
प्रेम स्वर निकले हर इंसानों से,
यही सिखा गया हमें बीता अतीत,
है यही नव वर्ष का शुभ आशीष।
-मयंक गुप्ता

Advertisements

Hindi Poem on New Year Eve-Naya Varsh


presents-wallpaper-1366x768

नया वर्ष
बीते वर्षों ने मिलकर
एक बैठक बुलाई
आओ नये वर्ष की दुल्हन को
देते हैं बधाई
हवा से कह दो कि
गगन सारा महकाए
फूलों से कह दो कि
वर्षा बन कर आए
इन भंवरो से कह दो कि
कोई गीत सुरीला गाए
सूरज की लाली से
इस की माँग सजाएं
इस मिट्टी से कह दो कि
कलश यह बन जाए
नये वर्ष की दुल्हन को
आओ गृह प्रवेश करवाए
-गरीना बिश्नोई

Hindi Poem on New Year-Naya Saal


decorating-christmas-tree-2999722_960_720नया साल

गुज़रे कल को जाने दो
नववर्ष को आने दो

गिले-शिकवे मिटाएंगे
गीत नये अब गाएंगे

एक -दूसरे से जानेंगे हम सब का हाल
देखो-देखो आया नया साल, आया नया साल

अच्छी बातों से सबक लें हम
सत्य के आंचल में दुबक लें हम

सत्य मार्ग पर गमन करें
झूठ से दूर रहेंगे

दुबक-दुबक कर जाना कि कितना खट्टा-मीठा था पुराने वर्ष का जाल
देखो-देखो आया नया साल,आया नया साल

मनमुटाव को दूर करें हम
जानें दिल की बात

भेद-भाव ना रखना कोई
जागेगी अब किस्मत सोई

होना है अब तो किस्मत से मालामाल
देखो -देखो आया नया साल, आया नया साल

द्रिग को ना करो प्लावन
नववर्ष भी काल प्रवाहिनी बन जाएगा

विनाशकारी ना हो न्यू ईयर
न बनने पाए केस कोई रियल

धन दौलत ना होने दो पर ना होना हंसी से भी कंगाल
देखो-देखो आया नया साल, आया नया साल

मन के अँधेरे चमन में
विवेक रूपी पुष्प हो

विघ्न बाधाओं का अभिनंदन करें हम
त्यागमय, दयावान और गौरव उज्जवल रहें हम

तारे बनकर उभरें हम, ताकी भविष्य बनें कमाल
देखो-देखो आया नया साल, आया नया साल

आहान करो कुछ कर्तव्यों का
तन,मन, धन से प्रण करो

सृष्टि के नवयुवक हम
सभ्यता,संस्कृति और प्रकृति से हम

सबके हित में हो हम नवयुवकों की चाल
देखो-देखो आया नया साल, आया नया साल

– रीत (रितिका) दाँगी

Hindi Poem on New Year – है नया साल


 

pf-2018-3031237_960_720

है नया साल
है नया जोश
है नयी उमंग
है नयी तरंग
है  नयी सुबह
है नयी शाम
है नयी धरती
है नया गगन
मन में है
उल्लास भरा
सफल होने का
विश्वास भरा
हो गया आगमन
नए साल का
शुरू होगा
इतिहास नया
आओ करें मिलकर स्वागत
इस नव वर्ष का

  • अनुष्का सूरी

Poem on New Year-नव वर्ष दिल से मनाओ


box-2953722_960_720
जो बीत गया पलों में उसको भूल जाओ,
मिलके ये नव वर्ष दिल से मनाओ,
प्यार से हँसते रहो,
प्यार से मुस्कुराओ,
बिखेर के हँसी हर चहरे पे
रोते चहरे को हँसाओ,
मिलके ये नव वर्ष दिल से मनाओ,
नव वर्ष का ये प्यारा हर लम्हा खास है,
लम्हे में छुपे हैं खुशियों के ख़ज़ाने,
लूट लो ये मिलके खुशियों के तराने,
खुशियों को प्यार से तुम इस वर्ष बुलाओ,
मिलके ये नव वर्ष दिल से मनाओ,
मंज़िल से कह दो इस वर्ष ना तू दूर है,
रास्तों से कह दो मंज़िल को सजाओ,
लेके दिया अंधेरे में हर तामस मिटाओ,
मिलके ये नव वर्ष दिल से मनाओ,
तरक्की हो समृद्धि हो,
हर घर में खुशहाली हो,
हर घर को खुशियों का जहां बनाओ,
मिलके ये नव वर्ष दिल से मनाओ|
-गौरव