Patriotic Poem in Hindi-Ye Desh Hai Mera Iska Sheesh Jhukne Nahi Dunga

यह देश है मेरा इसका शीष झुकने नहीं दूंगाएक वीर की दास्तान सुनाता हूं मैं।।।क्या कहता है वो।यह देश है मेरा इसका शीष झुकने नहीं दूंगा।।लिया है मैंने जो वचन मैं उसको पूरा करने के लिए जान भी दूंगा।।यह धरती मेरी माँ है मुझे इसका क़र्ज़ चुकाना है।।माँ-बाप भाई-बहन सब छोड़ दिया मैंनेक्योंकि मेरा तो […]

Hindi Poem on Independence Day: स्वप्निल हिंदुस्तान

स्वप्निल हिंदुस्तान ऐसा देश हमारा हो, गर्व से मस्तक उन्मुख हो, ऐसा स्वाभिमान हमारा हो , ऐसा देश हमारा हो |   क्या राजा क्या प्रजा , किसी का एकाधिकार ना हो , वस्त्र ,विहार,आहार , सर्वसुलभ हो , ऐसा देश हमारा हो | जैसा इतिहास था , उससे उज्जवल भविष्य हो , समाहित हो […]

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