Hindi Poem on Storytellers-Kahani


कहानी
चलो आज एक कहानी और लिखी जाये
जिस पर दो-तीन बातें खुल कर बोली जायें
चाहे किसी को पसंद आये चाहे न आये
मेरा तो काम है कि हम बस यूं ही लिखते जायें
कई लोग हमें हर बार बस सौ-सौ ताने सुनायें
मगर ये कलम भी किसी से कुछ कम नहीं
ये हमारा हर परिस्थिति में खूब साथ निभाए
ये कलम कहीं अकेली न रह जाये इसलिए,
दिल और दिमाग ने भी खूब पेंच लड़ाए
ये सोच भी कहीं हमारी पीछे न रह जाये
इसलिए हम अब इसे बाहर की और ले आये
छोटे- छोटे से शब्द में हम यूं डूबते जायें
अब इस कहानी के समंदर में लहरें भी मौज उड़ाएँ
कहानियों में हम इस तरह घूमते जायें
ये वक्त कब गुज़रे पता भी न चल पाये
कब दिन चढ़ जाये और रात ढल जाये
मेरे दिल को बस ये यूं ही भाते जाए
इन कागज़ों पर अनोखा संसार नज़र आये
कलम की नाव में सवार होकर मन हिचकोले खाये
और ये सोच भी मांझी का किरदार निभाए
ज़िन्दगी के नए-पुराने किस्से उभरते हुए आये
जो हमें हमारे ही किरदार की कहानी दिखाएं
इन पलों को हम एक बार फिर से जीते जायें
मेरा मन बस यही एक बोल कहता जाये
चलो एक कहानी और फिर से लिखी जाये
-अंजलि सुवासिया (रचनाकार )

Hindi Poem on Friendship-Dosti


दोस्ती

सब लोग साथ छोड दें तो,
तुम मे रा हाथ थाम लेना।

अगर मैं खुश हूँ तो ,
मेरे खुशी में शामील हो लेना।

अगर मैं उदास हूँ तो,
चुटकुले सुना कर हंसा देना।

अगर मैं गलत हूँ तो, डांट देना।

मन ने ठान ली है तुमसे मरते दम तक दोस्ती निभाने की
बस साथ कभी छोड़ मत देना।

मुझे प्यार जताना नहीं आता
तो मेरे गाली को ही मेरा प्यार समझ लेना।

-मानसी (रचनाकार)

Dosti

Sab log sath chod de to,
Tum mere hath tham lena.

Agar mai khush hu toh,
Mere khushi me shamil ho lena.

Agar mai udas hu toh,
Chutkule suna kar hasa dena.

Agar mai galat hu toh, dat dena.

Man ne than li hai tumse marte dum tak sath nibhane ki,

Bas sath kabhi chod mat dena.

Mujhe pyar jatana nahi ata,

toh mere gaali ko hi mera pyar samajh lena.

-Mansi (Rachnakar)

Tulsidas Poetry in Hindi -Man Pachitaihai Avsar Beetey


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मन पछितैहै अवसर बीते।
दुर्लभ देह पाइ हरिपद भजु, करम, बचन अरु हीते॥१॥
सहसबाहु, दसबदन आदि नप बचे न काल बलीते।
हम हम करि धन-धाम सँवारे, अंत चले उठि रीते॥२॥
सुत-बनितादि जानि स्वारथरत न करु नेह सबहीते।
अंतहु तोहिं तजेंगे पामर! तू न तजै अबहीते॥३॥
अब नाथहिं अनुरागु जागु जड़, त्यागु दुरासा जीते।
बुझै न काम-अगिनि तुलसी कहुँ, बिषयभोग बहु घी ते॥४॥

Man pachtaihai avsar beetey

Durlabh deh payi haripad bhaju, karam, bachan aru heete. ||1||

Sahasbahu dasbadan aadi nap bache na kaal baleete.

Ham ham kari dhan-dham savare, ant chale uthi reete. ||2||

Sut-banitadi jaani swarathrat na karu neh sabheete.

Antahu tohi tajenge pamar! Tu na tajai abheete. ||3||

Ab Nathahi anurag jadu jad, tyagu durasa jeete.

Bujhai na kaam-agani Tulsi kahu, bishaybhog bahu ghee te. ||4||

भावार्थ:

गोस्वामी तुसलीदास जी प्रस्तुत पद में कह रहे हैं –

हे मन, अवसर बीता जा रहा है और बाद में जब यह मानव देह छिन जाएगी, तब तू बहुत पछतायेगा। मानव देह जो देव-दुर्लभ है, बहुत बड़ी भगवद-कृपा के बाद ही प्राप्त होता है। इस दुर्लभ देह को पा कर हे मन तुझे भगवन के चरणों का भजन, ध्यान करना चाहिए। कर्म, वचन और ह्रदय भी भगवान् के निमित्त ही लगाने चाहियें। ||1||
सहस्त्रबाहु और रावण आदि भी काल से नहीं बच सके। जो सारा जीवन अपने लिए धन बटोरते रहे और धाम सजाते रहे, वो मरते समय खाली हाथ गए। ||2||
पुत्र, पत्नी, आदि सब परिवार जनों का सम्बद्ध तुझसे स्वार्थ का है और इसीलिए उनसे प्रेम न कर। वो सब तुझे अंत समय छोड़ देंगे, तू उनको अभी से क्यों नहीं त्याग देता। ||3||
अब तू नींद से जाग और भगवन से अनुराग कर। कामनाओं की अग्नि ऐसे नहीं बुझेगी बल्कि विषयभोग से घी की तरह और बढ़ती जाएगी। यह केवल प्रभु भक्ति के जल से ही कम होगी। ||4||

English Translation:

Gowswami Tulsidas Ji says:

Oh mind, the golden chance to change your future – the human body is there with you. If you lose this body without attaining your spiritual goal i.e. meeting God, you will regret this forever. This human form is desired by the heavenly Gods (Devtas) and is attained only with God’s grace. After attaining human body, oh mind, you should worship the lotus feet of God.

Kings like Sahastrabahu and Ravana had to leave this human body at the time of their death. Those who spend their entire life in aggregating wealth for themselves and decorating their homes also leave this body empty handed.

Son, wife and other worldly relations are based on selfishness and therefore do not love them. All of them will leave you once you are dead, why don’t you leave them immediately (get detached from them).

Oh mind, now wake up and love God. The fire of your desires will not end by getting more worldly things as these are like fuel to the fire. You can control your desires by devotion that acts like water on the fire.

Hindi Poem on Crime Against Women – Choti Si Gudiya


छोटी सी गुड़िया
माँ और बाबुल की
खुशियों की पुड़िया

नाज़ों से उसको था पाला
ज़माने की बुरी नज़र से
सदा उसको संभाला

लेकिन विधाता को
था कुछ और ही मंज़ूर
दरिंदों राक्षसों के हाथों
हुई वो चकना चूर

न हैवानियत की कोई हद्द है
और अगर कोई थी भी
तो वो सब अब रद्द है

आज तो समाज में
क्रूरता और छल का
है नंगा नाच

दूसरे का सर कुचल दो
पर खुद की हवस
पर न आये आंच

ये कैसा भारत है
मैं देख कर हूँ हैरान
क्या ये वही भूमि है जहाँ
सीता राम की है अभिमान

कुछ करो देशवासियों
भगवन से ज़रा तो डरो
ऐसे भयंकर पाप
करने से पहले तुम डरो

अगर नहीं माना तुमने
और फिर भी किया मन-माना
तो फिर नरक में रह कर होगा
कल्पों तक बस पछताना

  • अनुष्का सूरी

Hindi Poem on Life Struggle-Safar


सफ़र

सफ़र पर निकल पड़ो मन में संकल्प लेकर
चाहे अमावस की रात हो या पूनम का चांद
चाहे आये तुफान या तनी हों बन्दूकें
ना डरना है ना गिरना है ना भागना है
डरना क्यों आत्मविश्वास जब बलवान है
मुस्कुराके आगे बढ़ते रहो हिम्मत न हारो
असफलता एक चूनौती है, स्वीकार करो
नीद चैन को संघर्ष पथ पर, बलिहार करो
लगे रहो जब तक न सफलता साथ हो
हमेशा हर समय बस लक्ष्य की ही बात हो

-दीपान्जली
दीपा रामदास शिंपी नवसारी गुजरात
3/12/2019


Amazing Hindi Poetry Collection

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