Tag Archives: Motivational Poems in Hindi

Hindi Poem on Motivation-Manzil


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मंज़िल
जो बढ़ा है ,अपना कदम आगे।
वो रुके ना किसी डर से पीछे।।
हमें हिम्मत से बढ़ना होगा।
नया आयाम फिर से घड़ना होगा।
ये मुश्किल कुछ पल की हट जायेगी।
हमे यकीं है, मंज़िल ज़रूर नज़र आएगी।।
-संजय

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Inspirational Hindi Poem-Sahyog


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सहयोग
करें हम सदा सहयोग सभी का ।
यही मकसद हो अपनी ज़िन्दगी का ।।
ये जिंदगी मिली बड़ी रहमतों से,
इसे हम सँवारे ,इसे हम सजाएँ।
करे खूब कोशिश, मेंहनत के बल पे इसे और बेहतर बनाएँ।।
मुश्किलें हरा दें, जहाँ को दिखा दें अपने दम पर हम ।
ना हारें कभी किसी बात से डटे रहे जीवन भर हम।।
-संजय

Hindi Poem on Motivation – क्या बात करूँ


क्या बात करूँ मैं लोगो की
सब आप बताये बैठे है
कुछ दर्द छुपाये बैठे है
कुछ ख़्वाब छुपाये बैठे है

कुछ हस्ते है ऊपर ऊपर
कुछ रोते है नकली नकली
कुछ बातें ऐसे करते है
संसार चलाये बैठे है

सच झूठ किसी की बातों का
कुछ पता नहीं चलता अब तो
कुछ के सच भी अब झूठ लगे
कुछ झूठ चलाये बैठे है

ख्वाबों का पर्दा यहाँ पर अब
बंद सा है खुलता ही नहीं
संसार समाज सभी अपने
अधिकार बताये बैठे है

इस दुनिया में अगर कुछ करना है
अपनी मर्ज़ी की करना तू
हो सफल अगर तो बात ही क्या
पर न हो तो मत डरना तू

बस चलता जा तू सही डगर
और पीछे कभी न मुड़ना तू
जब पहुंचेगा तू मज़िल पर
वो बात अलग ही सी होगी

तुझसे मिलने को सब “वोह ” लोग
कतार लगाये बैठे है

-मुसाफ़िर

Kya baat karu mein logo ki,
Sab aap bataye baithe hai.
Kuch dard chupaye baithe hai,
Kuch khawab chupaye baithe hai.

Kuch haste hai upar upar,
Kuch rote hai nakli nakli.
Kuch baatein aesi karte hai,
Sansar chalye baithe hai.

Sach jhooth kisi ki baaton ka,
Kuch pata nhi chalta ab toh.
Kuch ke sach bhi ab jhooth lage,
Kuch jhooth chalye baithe hai.

Khwabon ka parda yaha par ab,
Band sa hai khulta hi nahi.
Sansar samaj sabhi apne,
Adhikar bataye baithe hai.

Is duniya me agar kuch karna hai,
Apni marzi ki karna tu.
Ho safal agar to baat hi kya,
Par na ho to mat darna tu.

Bas chalta ja tu sahi dagar,
Or peeche kabhi na mudna tu.
Jab pahuchega tu manzil par,
Vo baat alag hi si hogi,

Tujhse milne ko sab “voh” log,
Kataar lagaye baithe hai..

-Musafir

Hindi Poems on Motivation – नामुमकिन कुछ भी नही


मत सोच ,
तु है कुछ भी नही
बस सोच,
सब कुछ है
सही सही
हो जाए गर असफल ,
होना दुखी नही
समेट अपनी ताकत
रही सही बस
फिर देखना नामुमकिन
कुछ भी नही…

– वंदना सिलोरा 

Mat soch
Tu he kuch bhi nhi
Bas soch
Sab kuch hai
sahi sahi
Ho jaye agar asafal
To hona dukhi nhi
Samet apni takat
Rahi sahi  Bas
Phir dekhna namumkin
Kuchh bhi nhi…

-Vandana silora

Hindi Poem On Self Improvement – खो कर अपने आप को


खो कर अपने आप को क्या कोई दूर जा पाया है
झूठे नाम के ख़ातिर ख़ुद को भुलाया है
ऐ बन्दे समझ तू अपनी असलियत को
ईस्वर तुझे इस संसार के लिये बनाया है
जो गुज़र गया है उसमे खुद को तूने समझाया है
आने वाली कल की चिंता ने आज को जलाया है
क्यों समझ नहीं आता इन प्यारे बुद्धि जीवियों को
की परमात्मा ने सब इसी पल के लिये बनाया है
बेबस हो रहा है पर खुद को  ना शक्तिशाली बनाया है
हो रही मुश्क़िलों को औरों वजह बताया है
एक काम जो तू वर्षो से टालता आया है
जरा रुक ! और देख ईश्वर ने तुझे एक ख़ासियत से बनाया है

– नवनीत कुमार तिवारी

Khokar apne aap ko Kya Koi door jaa paya hai,
Jhuthe naam ke khatir khud ko bhulaya hai
Ae bande samajh tu apni asaliyat ko,
Eswar ne tujhe iss sansar ke liye banaya hai.
Jo guzar Gaya hai usme khud ko tune samaya hai,
Aane wali Kal ki chinta ne aaj ko jalaya hai,
Kyo samajh nahi aata inn pyare budhhijiviyon ko,
Ki parmaatma ne sab isi pal ke liye banaya hai.
Bebas ho Raha hai par khud kp na shaktishali banaya hai,
Ho Rahi mushkilon ko auron ki wajah bataya hai,
Ek Kam Jo tu varso se talta aaya hai ,
Jara rukk! Aur dekh eswar ne tujhe ek khashiyat se bunaya hai..

-Navneet Kumar Tiwari