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Resuming Publish Poems SERVICE sOON

कविता प्रकाशन सेवा का पुनारम्भ

पिछले कुछ महीनों से मैं ब्लॉग पर एक्टिव नहीं रह पायी|

मेरे परिजन का निधन हो गया था।

इसी कारणवश आप सबको प्रकाशन का लाभ नहीं दे पायी।

असुविधा के लिए मैं क्षमाप्रार्थी हूँ।

प्रकाशन सेवा नव वर्ष २०२१ से पुनः शुरू की जाएगी।

आशा है आप सहभागी बने रहेंगे।

आपके सहयोग के लिए धन्यवाद।

लंबित रचनाओं का चयन किया जा रहा है |

अनुष्का सूरी (सम्पादिका)

Motivational Poem in Hindi-Chalte Rehna Hi Zindagi Hai

चलते रहना ही ज़िन्दगी है

यह कविता आपका मनोबल बढ़ाने में सहायक होगी।

अगर आप ज़िन्दगी की दौड़ से परेशान हैं, तो घबराइए नहीं।

आप अकेले नहीं हैं।

हौसला रखें और चलते रहें।

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