Hindi Poem on Fear of Death-Mrityu Ka Bhaya

मृत्यु का भय जब बुढ़ापा आता है, मृत्यु का भय सताता है। कल रहूँ या ना रहूँ , हर पल डराता है! जब बुढ़ापा आता है ।। जो आता है वह जाता है, प्रकृति ऐसे नियम क्यों बनाता है?? इस नियम को वह तोड़ता क्यों नहीं? “मृत्यु कि दिशा” को मोड़ता क्यों नहीं?? जब बुढ़ापा […]

Hindi Poem on Crime Against Women-Mujh Mein Bhi Ek Jaan Hai

क्योंकि मुझमें भी एक जान है (कविता का शीर्षक) मैं भी श्वास लेती हूँ, हर सुख दुःख को सहती हूँ, मेरा भी मन कोमल है, ममता का एक आंचल है, फिर क्यों मेरा शोषण होता, अधिकार छिनता, मान खोता, मेरा भी स्वाभिमान है, क्योंकि मुझमें भी एक जान है | किसी की माँ, किसी की […]

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