Hindi Poem Encouraging Change-Badalte Zamaane Ke Sath

बदलते ज़माने के साथ बदलते ज़माने के साथ हम भी बदलते गए जीवन में वक्त के साथ बदलते रंगो को जीवन में भरते गए। ज़माने में हर तरह के लोग मिले बस सब के साथ कदम मिलाकर आगे बढते गए हमारी तो क्या औकात है रास्ता तो ईश्वर ने दिखाया बस हम तो उस पर […]

Hindi Poem on Modernization-आधुनिकीकरण पर कविता

आधुनिकीकरण आधूनिकरण ने देखो क्या किया कमाल है बात-बात पर अब उठता सवाल है शुद्धिकरण का अब वो ज़माना नहीं रहा हर तरफ मिश्रण का अब बोलबाला है नीम की दाँतून के ज़माने गुज़र गये अब तो कॉलगेट में भी मचा बवाल है लाईन में लगने का झंझट ही नहीं रहा सब कुछ पास होते […]

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