Chaitanya Mahaprabhu Quotes on Bhakti

तृणादपि सुनीचेन तरोरपि सहिष्णुना ।अमानिना मानदेन कीर्तनीय: सदा हरि:।। खुद को तृण से भी दीन मानो। जैसे घास का तिनका किसी के पैर पड़ने पर झुक जाता है, वैसे ही सबसे नीचे मानो खुद को। trinad api sunichena One should consider himself lower than a peace of straw on the street i.e. practice so much […]

Hindi Poem on God – मैंने देखा है खुदा को

  हां मैंने देखा है खुदा को कूड़े के ढेर पर कचरा बिनते मासूम बच्चो के हसीं सपनो में हां मैंने देखा है खुदा को बड़ी सी कोठी में अकेली लेटी बेबस माँ की चेहरे की झुर्रियों में हां मैंने देखा है खुदा को मौत की छाती पर जंग लड़ते सिपाही के हौसलों में हां […]

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