Category Archives: Hindi Poem on Home

Hindi Poem on Good Habits – अच्छा है जी अच्छा है


सुबह सवेरे जल्दी उठना, अपने बड़ो को नमन करना,
अच्छा है जी अच्छा है।
नित्य कर्म में ना अलसाना, कुल्ला- मंजन ढंग से करना,
अच्छा है जी अच्छा है।
खूब चबा कर भोजन करना, दिन भर खूब पानी पीना ,
अच्छा है जी अच्छा है।
समय पर पढ़ना, समय पर लिखना, खेल- कूद भी, समय पर करना,
अच्छा है जी अच्छा है।
स्वस्थ रहेगा, जब तुम्हारा बचपन, खुशहाल होगा, तब ही सारा जीवन।
अच्छा है जी अच्छा है। 

-सुनीता बहल

Acha hai ji acha hai
Shubh savere jaldi uthana apne bado ko naman krna
Acha hai ji acha hai
Nitya karm mein na alsana, kulla manjan dhang se karna
Acha hai ji acha hai
Khub chaba ke bhojan karna din bhar kub pani pina
Acha hai ji acha hai
Samay par padhna samay par likhna khel kud bhi samay par karna
Acha hai ji acha hai
Swasth rahega jab tumhara bachpan khushaal hoga tab hi sara jeevan
Acha hai ji acha hai 

-Sunita bahal

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Hindi Poem on Home- छोटा सा घर


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लम्बी सी सड़क के किनारे मेरा एक छोटा सा घर है,
लौटना है अपनी ही आदतों से, बहुत दूर का सफ़र है
जहां ये टूटता है मन मेरा, बातों में घुला कुछ ज़हर है,
आंगन में लगे एक तरु की छाया से थोड़ी शीत लहर है,
भीतर तो जलती हूं पर देख जग को थोड़ा ठहर है,
हर किसी की सोच का हर किसी पर आता कहर है,
जीवन का सुखद पड़ाव भीड़ की बस्ती में मेरा घर है
लम्बी सी सड़क के किनारे मेरा एक छोटा सा घर है
-डॉ अवंतिका