Tag Archives: Hindi poem on makaan

Hindi Poem on Home- छोटा सा घर


barn-3047590__340.jpg
लम्बी सी सड़क के किनारे मेरा एक छोटा सा घर है,
लौटना है अपनी ही आदतों से, बहुत दूर का सफ़र है
जहां ये टूटता है मन मेरा, बातों में घुला कुछ ज़हर है,
आंगन में लगे एक तरु की छाया से थोड़ी शीत लहर है,
भीतर तो जलती हूं पर देख जग को थोड़ा ठहर है,
हर किसी की सोच का हर किसी पर आता कहर है,
जीवन का सुखद पड़ाव भीड़ की बस्ती में मेरा घर है
लम्बी सी सड़क के किनारे मेरा एक छोटा सा घर है
-डॉ अवंतिका
Advertisements