Category Archives: Hindi Poem on Success

Motivational Poem in Hindi-Sapna


जिंदगी में जब तू हार गया
बचा न कुछ भी अपना है
रहेगी अंतिम सांस तक जो
कुछ है तो तेरा सपना है।

हँसेंगे लोग तेरे सपने पे
खींचकर भी कोई गिरायेगा
हार न मानना इन मुश्किलों से कभी
हर मंजिल फतह कर दिखाना है
रहेगी अंतिम सांस तक जो 
कुछ है तो तेरा सपना है।

हार पराजय मुश्किलों को
अगर पकड़ तू रोता रहा
छूट जायेगी जिंदगी से ओ भी पल
जो तेरे पास पड़ा खजाना है
रहेगी अंतिम सांस तक जो
कुछ है तो तेरा सपना है।

लहरों से लड़कर जो जीता
ओ सिंधु में गोता लगायेगा
भर -भर झोला सपनों के मोती 
बाहर वो ले आयेगा
सपने बड़े होतें हैं जिनके
खोना भी उतना पड़ता है
रहेगी अंतिम सांस तक जो 
कुछ है तो तेरा सपना है।

-रंजन कुमार सिंह

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Hindi Poem on Success-वो आज कामयाब है


वो आज कामयाब है, क्योंकि
जब वो जग रहे थे रातो में ,
तब हम सो रहे थे ख्वाबो में।
जब वो पढ़ रहे थे किताबो को ,
तब हम पढ़ रहे थे व्हाट्सप्प को।
जब वो कर रहे थे कोशिश
अपनों का सपना पूरा करने की,
तब हम कर रहे थे कोशिश गैरो का
सपना पूरा करने की ।
जब वो नजरबन्द थे एक कमरे में ,
तब हम दिख रहे थे सिटी मॉल,
सिनेमा हालो में । जब वो उलझे थे
किताबो से , तब हम उलझे थे
राजनीतिक मुद्दों से ।
जब वो उलझे थे देश-विदेश की खबरों में ,
तब हम उलझे थे गांव देश की फ़ोन कालो में ।
वो आज कामयाब है.

-राहुल पटेल

Wo aaj kamyaab hai kyuki
Jab wo jaag rahe they raaton mein
Tab hum so rhe they khwabon me
Jab wo padh rhe they kitabon ko
Tab hum padh rhe they whatsapp ko
Jab wo kar rhe they koshish
Apno ka sapna pura karne ki
Tab hum kar rhe thay koshish garon ka sapna pura kane ki
Jab wo nazar band they ek kamre mein
Tab hum dikh rhe they siti mall cinema haalon mein
Jab wo uljhe they kitaabon se
Tab hum uljhe they rajnatik mudho se
Jab wo desh videsh ki khabron mein
Tab hum uljhe they gaon ki phone callon mein
Wo aaj kamyaab hai

-Rahul Patel

Hindi Poems on Motivation – भँवर में सही


भँवर में सही कश्ती को मोड़कर तो देखो
बारिश में पैर जमीं पे गड़ाकर तो देखो

कुछ भी है मुमकिन अगर ठान लें हम सब
हाँथ समानता की ओर बढ़ाकर तो देखो

भेदभाव ख़त्म कर अब अपनी बेटी को
शिक्षा के शिखर पर चढ़ाकर तो देखो

हुनर है इनमे दुनियाँ को बदलने का
बेटियों को बेटों सा पढ़ाकर तो देखो

हैं इनमे सुनीता और कल्पना सी उड़ान
इनके पंखो को फड़फड़ाकर तो देखो ।

– राहुल रेड

Bhanvar mein sahi kashti ko modkar to dekho
barish mein pair zamin pe gada kar to dekho

Kuch bhi hai mumkin agar thaan le hum sab
Hath smanta ki oor badha kar to dekho

Bhed bhav khatam kar ab apni beti ko
Shiksha ke shikhar par chadha kar to dekho

Hunar hai inmein duniya ko badalne ka
Betiyon ko beto sa padha kar to dekho

Hai inmein sunita aur kalpana si udaan
Inke pankhon ko fadfada kar to dekho

– Rahul Red

Hindi Poem on Success – बदलेगी ये दुनिया


बदलेगी ये दुनिया
सोच तो बदल के देखो
ये लक्ष्य होंगे पूरे
मेहनत तो कर के देखो
गरीबी में जिओं
मगर ख़्वाब अमीरो का देखों
सारे खवाब होंगे पूरे
पहले सपने तो देखों
ज़िंदगी सुधर जायेगी
इंसान तो बन कर देखो
जीना मरना सबको है
ज़रा  महान बन कर देखो
झूठ तो बहुत बोले होंगे
कभी सच तो बोल कर देखो
सफल ज़रूर होंगे एक दिन
एक कदम तो बढ़ाकर देखो

-सौरव कुमार आदर्श

Badlegi ye duniya
Soch to badal ke dekho
Ye lakshay honge pure
Mehnat to karke dekho
Garibi me jio
Magar khawab amiro ka dekho
Sare khawab honge pure
Pahle sapne to dekho
Jindagi sudhar jayegi
Insan to bankar dekho
Jina-Marna to sabko hai
Jara Mahan bankar dekho
Jhuth to bahut bole hoge
Kabhi sach to bolkar dekho
Saphal jarur hoge ek din
Ek kadam to badhakar dekho

Saurav Kumar (Aadarsh)

Hindi Motivational Poem – मेरा दिन


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कुछ जूनून जगाना था
दिल का ज़रा एहसास करवाना था
वो रात गुजर जाती है
फिर से एक नई सुबह आती है
कुछ जूनून लगता है
दिल मैं फिर से हलचल होती है
सोचता हूँ सोचता हूँ अच्छा कुछ कर दूँ
मम्मी पापा का सपना पूरा कर दूँ
उनकी आँखें भरी है
बोझ उतार कर उन्हें हल्का कर दूँ
फिर धीरे धीरे दिन गुजरता है
दोपर का टाइम होता है
यहाँ वहाँ के चक्कर खा के
दिल का मोरल डाउन हो जाता है
दिल उदास हो के थक सा जाता हूँ
अपने को ले कर डर सा जाता हूँ
पूरा हो गया या नहीं
ये सोच में पड़ जाता हूँ
शाम का टाइम आ गया यारो
बड़ा सुहाना सा होता है
अंदर सा एक अज़ीब सा एहसास होता है
छोड़ दूँ सब क़ुछ दुनिया भी ये
पर कायरता का एहसास होता है दोस्तों से मिलता हूँ
जीने की इच्छा जग जाती है
और अंदर से एक फील आती है
की कुछ भी मानूँगा
सफलता का हाथ पकड़कर ही मानूँगा
चलेगा योगेश फिर से कल सुबह
और मैं दिल को एहसास करवा डालूँगा

-योगेश जामदागनी

Kuch junoon jgana tha ,
Dil ko jra ehsas krwana tha,
Wo rat gujr jati h,
Fir s ek nyi subah ati h,
Kuch junoon jagta h,
Dil m phir s hlchl hoti h,
Sochta hu
Sochta hu acha kuch krdu ,
Mummy papa ka spna pura krdu,
Unki ankhen bhaari h ,
Bhoj utarkr unko hlki krdu,
Fir dheere dheere din gujrta h,
Dophar ka time hota h,
Yha vha k chakkar khake ,
Dil ka moral down ho jata h,
Dil uddas hoke m thak sa jata hu,
Apne spne ko lekr dar sa jata hu,
Pura hoga ya nhi,
Ye soch m pd jata hu,
sham ka time aa gya yaaro,
Bda suhana sa hota h,
Andar s ek ajeeb sa ehsas hota h,
Chod du sb kuch duniya bhi ye,
Pr kayrta ka ehsas hota h,
Dosto s milta hu,
Jine ki ichaaa jag jati h,
Aur andar s ek feel aati h,
Ki kuch bhi ho har na manunga,
Safalta ka hath pkdkar hi manunga,
Chlega Yogesh fir s kal subah,
Aur m dil ko ehsaas krwa dalunga…

-Yogesh jamdagni