Hindi poem on dreams

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Motivational Poem in Hindi-Sapna

जिंदगी में जब तू हार गया
बचा न कुछ भी अपना है
रहेगी अंतिम सांस तक जो
कुछ है तो तेरा सपना है।

हँसेंगे लोग तेरे सपने पे
खींचकर भी कोई गिरायेगा
हार न मानना इन मुश्किलों से कभी
हर मंजिल फतह कर दिखाना है
रहेगी अंतिम सांस तक जो 
कुछ है तो तेरा सपना है।

हार पराजय मुश्किलों को
अगर पकड़ तू रोता रहा
छूट जायेगी जिंदगी से ओ भी पल
जो तेरे पास पड़ा खजाना है
रहेगी अंतिम सांस तक जो
कुछ है तो तेरा सपना है।

लहरों से लड़कर जो जीता
ओ सिंधु में गोता लगायेगा
भर -भर झोला सपनों के मोती 
बाहर वो ले आयेगा
सपने बड़े होतें हैं जिनके
खोना भी उतना पड़ता है
रहेगी अंतिम सांस तक जो 
कुछ है तो तेरा सपना है।

-रंजन कुमार सिंह

Hindi Poem on Woman Aspirations – मैं क्यों ना चाहूँ

woman

इतनी आबादी में रहना आज़ादी से,
मैं क्यूँ न चाहूँ
पंछियों सी उडक़र बादलों को चूना
मैं क्यूँ न चाहूँ
लड़कों सा मैं भी हर जगह घूमना
तारों से अलग चाँद की तरह चमकना
पर्वतों का आरोहण सपना बने मेरा
विदेशों में जा कर पढ़ना मैं क्यों न चाहूँ
इन सारे सवालों के जबाब मैं क्यों न चाहूँ
जनता है आसमान और ज़मीन
हमें नहीं है कोई कमी
फिर क्यों इतनी आबादी में रहना आजादी से
मैं क्यू न चाहूँ

– अनुष्का सूरी

 

Itni aabadi me rahna aajadi se,
Mai q na chahun.
Panchiyon si udkar badlon ko chuna
Mai q na chahun.
Ladkon sa mai bhi har jagah ghumna,
Taron se alag chand ki tarah chamakana,
Mai q na chahun.
Parwaton ka aarohan sapna bane mera,
Videshon me jakar padhna mai q na chahun.
In sare sawalon ke jawab mai q na chahun.
Janta hai aasman aur jamin
Hamme nahi hai koi kami,
Phir q itni aabadi me rahna aajadi se,
Mai q na chahun.

– Anushka suri