Hindi Poem on Vijaydashmi – विजयदशमी का त्यौहार

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आज है विजयदशमी का त्यौहार
बुराई पर अच्छाई की जीत का वार
रावण संग जलेंगे कुम्भकरण मेघनाथ
बुरे काज में रावण का दिया जो साथ
सीता राम लक्ष्मण की जय जय कार
लंकापति को दिखाया हार का द्वार
ख़त्म हुआ अब राम लीला का वयापार
देखा हमने हर्ष से संग परिवार
-अनुष्का सूरी

Hindi Poem on Tobacco Addiction – तम्बाकू की लत

सिगार सिगरेट हुक्का बीड़ी तम्बाकू
इतने बुरे हैं जैसे हो कोई डाकू
जो इनको नित खाये ये उसको खा जाएं
ऐसा राक्षस और कौन है आप ही बताएं
फेफड़े आपके काले होकर सड़ेंगे
कैंसर के बुलाये मरीज़ आप बनेंगे
तम्बाकू की लत है मानो आत्महत्या करना
हो स्वस्थ रहना तो इस चक्कर में न पड़ना
-अनुष्का सूरी