Hindi Poem on Umbrella – तुम्हारा छाता

umbrella-3069187_960_720

कड़कती धूप से मैं बचाता
तेज़ बारिश में मैं काम आता
हरा गुलाबी लाल नीला काला
हर रंग में मैं हूँ मिल जाता
मुझको बंद करके छड़ी बना लो
खुल जाऊं तो काम लगा लो
इतना भी क्या सोच रहे हो
मैं हूँ तुम्हारा अपना छाता
– अनुष्का सूरी

अमेज़न से बढ़िया छाता खरीदें:

Hindi Poem on Solar System-सौरमंडल पर कविता

planet-2666129_960_720.jpg

आओ जानें सोलर सिस्टम
यानि अपना सौरमंडल
बीच में तो है सूरज देवता
जो अंग्रेजी में सन कहाता
आस पास उसके नौ गृह
सूर्य से दुरी का सही क्रम यह
पहला मरकरी यानि बुध
दूजा वीनस यानि शुक्र
तीजा अर्थ यानि पृथ्वी
चौथा मार्स यानि मंगल
पांचवा जुपिटर यानि बृहस्पाति
छठा सैटर्न यानि शनि
सात्वा यूरेनस यानि अरुण
आँठवा नेप्टून यानि वरुण
नौवा प्लूटो यानि यम
ज्ञान यह रटलो अब
-अनुष्का सूरी

Hindi Poem on Gol Gappa – पानी पूरी

panipuri-74974_960_720

नाम है इसका गोल गप्पा
या फिर बोलो पानी पूरी
है गोल गोल ये फूला फूला
इसको खाएं बच्चे नर नारी
चाहे आटे का ये बनता
या फिर सूजी में ढलता
अंदर इसके भरदो आलू
साथ में मीठी चटनी डालो
तीखा जलजीरा पानी भर के
मुँह खोल एक बार में खा लो
-अनुष्का सूरी

Hindi Poem on Books – किताबें पढ़ो आगे बढ़ो

books-1757734__340.jpg

किताबें पढ़ो आगे बढ़ो
इनमें है ज्ञान आपार
घर-बाहर दिन या रात्रि
ये दोस्त सदाबहार
चाहे दुनिया की सैर करलो
या जासूसी नॉवल पढ़ लो
कभी अपना मनोबल बढ़ा लो
या कोई नया व्यंजन चढ़ा लो
किसी की जीवन गाथा पढ़ लो
या गणित के सवाल जड़ लो
ज्ञान के इस वरदान को
तुम जीवन में सेवन करलो
-अनुष्का सूरी

Hindi Poem on Earthquake-भूकंप पर कविता

earthquake-1665886_960_720.jpg

जब जब ये धरती कुछ डोले
भूकंप के आने लगें हिचकोले
फ़ौरन भागो अंदर से बाहर भोले
सोशल मीडिया वॉट्सएप कुछ भी बोले
भूचाल एक ऐसी है घटना
जिसपर ज़ोर नहीं है अपना
कब आएगा कितनी अवधि
कभी कुछ पता ही नहीं
इसीलिए तुम करो विचार
क्या सुरक्षित है तुम्हारा घर बार
घर ऑफिस की जांच कराओ
भूकंप की सहनशीलता नपवाओ
अगर बनना है सुरक्षित श्रीमान
तो रहना होगा सदा सावधान
– अनुष्का सूरी