Category Archives: Abstract Poems

Chaitanya Mahaprabhu Quotes on Bhakti


चैतन्य महाप्रभु जी (Chaitanya Mahaprabhu Ji )

तृणाद अपि सुनीचेन:

खुद को तृण से भी दीन मानो। जैसे घास का तिनका किसी के पैर पड़ने पर झुक जाता है, वैसे ही सबसे नीचे मानो खुद को।

trinad api sunichena

One should consider himself lower than a peace of straw on the street i.e. practice so much humility. A piece of straw (doob grass) bends towards the ground as soon as anyone walks over it. Those who worship God such practice such a level of humility.

तरुर अपि सहिष्णुं:

खुद को पेड़ से भी सहनशील बनाओ। जैसे पेड़ किसी से बैर नहीं करता, चुप चाप धुप सेह्ता है और सबको फल देता है, वैसे ही धैर्य धरो।

taror api sahishnuna

One should be always bent and more tolerant than a tree. A tree is very tolerant of others and it never takes revenge from anyone.

अमानीना अपि सुनिचेना

सबको सम्मान दो और खुद के लिए मान मत चाहो |

amanina manadena

One should always pay respect to others and not desire respect for himself in return.

कीर्तनीयः सदा हरि

ऐसे मन में सदा दीन भाव रख कर सदा हरि की भक्ति (नाम संकीर्तन )करो |

kirtaniyah sada harih

After practicing so much humility in the mind, one should chant God’s (Hari) name constantly.

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Hindi Poem on Identity Crisis-Kaun Hoon Main


कौन हूँ मैं
आग हूँ आगाज़ हूँ खुद की गलती छुपाने वाला राज़ हूँ
झूठा हूँ फ़रेबी हूँ कल से डरने वाला आज हूँ
ज़िंदा हूँ मैं ज़िन्दगी में खुद में ही बेतहशा हूँ
सपना हूँ मैं आगे का आज का ज़िंदा लाश हूँ
लम्हा हूँ में बीते कल का आज का बुरा ख्वाब हूँ
गर्मी की धुप सर्दी की छाँव अपने मंज़िल के विपरीत पाव हूँ मैं
उत्तर हूँ मैं आगे का आज का प्रश्न चिन्ह हूँ
धीमा हूँ ज़िन्दगी मैं कल के धावक के लिए तैयार हूँ
गलती हूँ मैं पीछे का आज का नया इंसान हूँ
आग हूँ आगाज़ हूँ खुद की गलती मिटाने वाला आज हूँ !

-बबलू नाथ

Motivational Poem in Hindi-Sapna


जिंदगी में जब तू हार गया
बचा न कुछ भी अपना है
रहेगी अंतिम सांस तक जो
कुछ है तो तेरा सपना है।

हँसेंगे लोग तेरे सपने पे
खींचकर भी कोई गिरायेगा
हार न मानना इन मुश्किलों से कभी
हर मंजिल फतह कर दिखाना है
रहेगी अंतिम सांस तक जो 
कुछ है तो तेरा सपना है।

हार पराजय मुश्किलों को
अगर पकड़ तू रोता रहा
छूट जायेगी जिंदगी से ओ भी पल
जो तेरे पास पड़ा खजाना है
रहेगी अंतिम सांस तक जो
कुछ है तो तेरा सपना है।

लहरों से लड़कर जो जीता
ओ सिंधु में गोता लगायेगा
भर -भर झोला सपनों के मोती 
बाहर वो ले आयेगा
सपने बड़े होतें हैं जिनके
खोना भी उतना पड़ता है
रहेगी अंतिम सांस तक जो 
कुछ है तो तेरा सपना है।

-रंजन कुमार सिंह

Hindi Poem on Human Life-Manav


मानव

यह ज़िन्दगी तेरी मनुष्य,
मुसीबतों से भरी है,
यह किसीऔर ने नहीं,
बस, तूने स्वंय ने ही भरी है।

करता अगर संघर्ष ज़िन्दगी में,
तो होते न तेरे सपने दफन,
यूं न चला जाता दुनिया से,
ओढकर असफलता का कफन।।
-राजप्रीत हंस

Hindi Poem on God-Ishwar Ki Khoj


ईश्वर की खोज

मंदिर में गया
मस्जिद में गया
गिरिजाघर में गया
गुरुद्वारे में गया
पर ..भगवान् फिर भी ना मिला ….

चादर चढ़ाई
ज्योत जगाई
अर्ज़ी लगाई
पर …भगवान् फिर भी ना मिला…

भूखा रहा
प्यासा रहा
घंटों – घंटों जगता रहा
पर भगवान् फिर भी ना मिला …..

भूख के मारे बीमार हो गया
गरीब हो गया
अंत मे मिला ,अंत मे मिला पर जब मिला अपने अंदर ही मिला …..,

मिलते ही एक बात कही
मंदिर में ना मज़्जिद में ,
मै हूँ सबके चित्त (मन ) में ……|||

-सुमित सिहाग