Category Archives: Abstract Poems

Hindi Poem on Importance of Life-Jeevan Ke Pal

जीवन के पल

अनमोल है जिंदगी का हर पल,

वक़्त बह रहा सूरज ढल रहा है नभ पर,

बहते रहे सबको साथ लेके ख़ुशी से,

जैसे नदिया का पानी बहता है निर्मल,

अनमोल है जिंदगी का हर पल l

क़ोई पराया न हो सबको अपना मानते चलो,

वक़्त की हथेली से खुशियाँ बाँटते चलो,

जैसे सूरज रोशनी देता है हर घर,

अनमोल है जिंदगी का हर पल l

सुख हो या दुख कभी नहीं ठहरे,

ये आते जाते है जैसे सागर की लहरे,

हमें पीछे हटना नहीं है लहरों से डरकर,

अनमोल है जिंदगी का हर पल l

हमें मिलकर एक बाग़ लगाना है,

बाग में खुशियों का फूल खिलाना है,

जिससे फूलो की खुशबू बहे हवाओ मे घुलकर,

अनमोल है जिंदगी का हर पल ll

श्रीकांत शर्मा

कविता का भावार्थ: जीवन थोड़ा है खुश रहे और ख़ुशी बांटे

Hindi Poem on Banyan Tree-Main to Bargad Hu

मैं तो बरगद हूं… एक ज़माने से।

आध्यात्म की एक आदिम सी पोथी में किसी बसन्ती से पृष्ठ पर मेरा ब्यौरा कुछ यूं है,

“मैं तो बरगद हूं एक ज़माने से, हूं ठहरा ठहरा सा काल बिन्दु पर… एक ज़माने से ।

तपते तनों की तपिश हरना, भटके मुसाफिरों को शरण देना हैं कुछ काम मेरे एक ज़माने से,

आध्यात्म की एक आदिम सी पोथी में किसी बासंती से पृष्ठ पर मेरा ब्यौरा कुछ यूं है।

रचनाकार: हरेंद्र सिंह लोधी।

In an old book of spirituality

On a yellow page My details are like this:

“I am a banyan For a long time, I have been At a time point For a long time,

To protect hot bodies from heat,

Sheltering wandering travelers I have some work

For a long time,

In an old book of spirituality

On a yellow page my details are like this.

Poet: Harendra Singh Lodhi.

उपर्युक्त काव्य रचना व्यक्ति को आध्यात्मिक होकर उसे परसेवा की सीख देती है और उसे मनुष्य जीवन का महत्व बताती है।

Philosophical Poem on Life-Ehsas

एहसास

न दिन होता,

न रात होती तो ज़िन्दगी यूँ ही तमाम न होती न समय की धारा होती ,

न पलों का हिसाब होता न रंजिशें होती,

न शिकवा होता दूर दूर एक फैला समंदर होता

आकाश तारों से आच्छादित होता कभी मैं सागर की तरंगें बनती ,

तो कभी तारों से खेलती आँख मिचौली न अपने होने का एहसास,

न चिंता कोई भी एक अविरल धारा में बहती हुई कभी चैतन्य में विलीन ,

तो कभी चैतन्य स्वरुप आकार में स्थित उस शिल्पकार की कृति…..

कभी व्यक्त तो कभी अव्यक्त

-सुरेखा कोठारी

Ehsas

Na din hota,

na raat hoti to,

Zindagi yun hi tamaam na hoti

Na samay ki dhaaraa hoti,

Na palon ka hisaab hota na ranjishein hoteen,

Na shikwa hota dur dur tak ek faila samander hota

Aakaash taaron se achhadit hota kabhi main saagar ki tarangen banti,

To kabhi taaron se khelti aankh michauli na apne hone ka ehsaas,

Na chinta koi bhi ek aviral dhaara mein behti hui kabhi chaitanya mein vileen,

To kabhi chaitanya swaroop aakaar mein sthit us shilpakaar ki kriti…..

kabhi vyakt to kabhi avyakt

-Surekha Kothari

People will criticize you anyway-Hindi Poem|कुछ तो लोग कहेंगे

कुछ तो लोग कहेंगे

लोग कहेंगे के आप गलत हो,

लोग कहेंगे के आप गंदे हो ||

पर जो दुसरों को बुरा कहे,

उसे फरिश्ता भी कैसे कहे ||

जब जब कामयाबी मिलते जाएँगी,

तब तब परेशानियां बढ़ती ही जाएँगी ||

लोगों का क्या दिल पे लेना,

उनकी तो फितरत ही ऐसी हे,

वोह तो उनके हिसाबसे बदलते ही जाएँगी ||

-ज्ञानेश्वरी घुटे

Kuch To Log Kahenge

Log kahenge ke aap galat hoo,

Log kahenge ke aap gande hoo.

Par jo dusronko bura kahe,

Usse farishta bhi kaise kahe.

Jab jab kaamyabi milte jaayegi,

Tab tab pareshaniya badhti hi jaayegi.

Logon ka kya dil pe lena,

Unki toh fitrat hi aisi he,

Woh toh unke hisabse badalte hi jaayegi.

-Gyaneshwari Ghute

Motivational Poem in Hindi-Chalte Rehna Hi Zindagi Hai

चलते रहना ही ज़िन्दगी है

यह कविता आपका मनोबल बढ़ाने में सहायक होगी।

अगर आप ज़िन्दगी की दौड़ से परेशान हैं, तो घबराइए नहीं।

आप अकेले नहीं हैं।

हौसला रखें और चलते रहें।

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