Category Archives: Hindi Poem on Animals

Voice of a Dog – Tumhara Apna Moti


तुम्हारा अपना मोती
चुप चाप बैठा हूँ,
चाहिए बस एक कोना।
भूख बर्दाश्त नहीं होती,
तभी आता है रोना।
किसी ने मुझे मारा
तो किसी ने है मुझ पर चीखा।
मेरा जैसा भी व्यवहार है
सब आपसे ही सीखा।
न ध्यान देता समाज है
न ही कोई राजनेता।
न मैं किसी के लिए कोई मुद्दा हूं
न मै वोट देता।
कुछ तो सोचा
भगवान ने भी होगा।
तुम पर आश्रित होने
धरती पर क्यों भेजा।
उसे भी शायद विश्वास
बहुत था आप पर
वरना मुझे भी
निर्भर रख सकता था घास पर।
वफ़ादारी के किस्से
मेरे बहुत हैं जमाने में।
तादात कम नहीं हैं उनकी
जो लगे मुझे सताने में।
मेरा भी उतना हक है इस धरती पर
जितना है आपका।
ज़्यादातर सड़क पर हैं हम
तो कोई बिक रहा लाख का।
धर्म के आइने से ना देखो मुझे,
आज खतरा मुझे जान का।
इन्सानियत मुझ पर भी दिखाओ
भूखा हूँ मैं सम्मान का।
पापी पेट का सवाल है
वरना पसंद नहीं फेंकी हुई रोटी।
जल्दी घर के बाहर मिलता हूं।
सप्रेम तुम्हारा अपना मोती।
-गौरव खुराना

Hindi Poem on Sparrow-चिड़िया निकली है


चिड़िया निकली है आज लेने को दाना
समय रहते फिर है उसे घर आना
आसान न होता ये सब कर पाना
कड़ी धूप में करना संघर्ष पाने को दाना
फिर भी निकली है दाने की तलाश में
क्योकि बच्चे है उसके खाने की आस में
आज दाना नही है आस पास में
पाने को दाना उड़ी है दूर आकाश में
आखिर मेहनत लायी उसकी रंग मिल गया
उसे अपने दाने का कण पकड़ा
उसको अपनी चोंच के संग
ओर फिर उड़ी आकाश में जलाने को
अपने पंख भोर हुई पहुँची अपने ठिकाने को
बच्चे देख रहे थे राह उसकी आने को
माँ को देख बच्चे छुपा ना पाए अपने मुस्कुराने को
माँ ने दिया दाना सबको खाने को
दिन भर की मेहनत आग लगा देती है
पर बच्चो की मुस्कान सब भुला देती है
वो नन्ही सी जान उसे जीने की वजह देती है
बच्चो के लिए माँ अपना सब कुछ लगा देती है
फिर होता है रात का आना सब सोते है
खाकर खाना चिड़िया सोचती है
क्या कल आसान होगा पाना दाना
पर अपने बच्चो के लिए उसे कर है दिखाना
अगली सुबह चिड़िया फिर उड़ती है लेने को दाना
गाते हुए एक विस्वास भरा गाना

– आशीष राजपुरोहित

Chidiya nikali hai aaj lene ko dana
Samay rahte fir hai use ghar aana
Aasan na hota ye sab kar pana
Kadi dhup mein karna sangharsh pane ko dana
Fir bhi nikali hai dane ki talash mein
Kyuki bache hai uske khane ki aas mein
Aaj dana nahi hai aas paas mein
Uane ko dana uadi hai dur aakash mein
Aakhir mehnat layi uski rang mil gya
Use apne dane ka kan
Pakda usko apni chunch ke sang
Aur fir udi aakash mein jalane ko
Apne pankh bhaur hue phuchi apne thikane ko
Bache dekh rhe they raah uski aane ko
Maa ko dekh bache chupa na paye apne muskurane ko
Maa ne diya dana sabko khane ko
Din bhar ki mehant aag laga deti hai
Par bacho ki muskaan sab bhula deti hai
Wo nanhi si jaan use jine ki vjah deti hai
Bachon ke liye maa apna sab kuch laga deti
Hai fir hota hai raat ka aaana sab sote hai
Khakar khana chidiya sochti hai
Kya kal aasan hoga pana dana
Par apne bachon ke liye use kar hai dikhana
Agali subh chidiya fir se uadti hai lene ko dana
Gaate hue ek Vishwas bhara gaana..

-Ashish Purohit

Hindi poem on Butterfly – प्यारी तितली


सुंदर पंखों वाली तितली,
रंग रंगीली प्यारी तितली।
पंखों को तू है फड़काती,
फूल-फूल पर है मड़राती।
फूलों को तू बहुत चाहती,
फूल बिना प्यासी रह जाती।
फूलों से तू रस है भरती,
और ना जाने क्या-क्या करती?
कठिन परिश्रम तू है करती,
मानव से तू बहुत है डरती।

– सर्वेश कुमार मारुत

Sunder pankhon wali titli
Rang rangili pyari titli
Pankhon ko tu fadkati
Phul phul par hai mandrati
Phulon ko tu bhut chahti
Phul bina pyasi reh jati
Phulon se tu ras hai bharti
Aur na jane kya kya karti
Kathhin parishrm tu hai karti
Maanav se tu bhot hai darti

-Servesh Kumar Marut

Hindi Poem on Dog- कुत्ते पर कविता


काला, भूरा , मटमैला ,सफ़ेद
तेज़ नाक करे अच्छे-बुरे में भेद
तीखे दाँत, भौंके तेज़
प्यार, सम्मान में न करे परहेज़
देख कर मालिक दुम हिलाए
मुँह से अपनी लार लगाए
कौन है ये प्यारा जन्तु ज़रा बतलाएँ
ये है कूकर जो कुत्ता भी कहलाए

-अनुष्का सूरी

How to read text:

Kala, bhura, matmaila, safed
Tez naak kare achhe-buray mein bhed
Teekhey daant, bhaunke tez
Pyar samman mein na kare parhez
Dekh kar malik dhum hilaye
Muh se apni laar lagaye
Kaun hai ye pyara jantu zara batayein
Ye hai kukar jo kutta bhi kahlaye

-Anushka Suri

English Translation:

Black, brown, off-white, white

A sharp sense of smell that differentiates between good and bad

Sharp teeth, barks loud

Does not shy from loving and respecting humans

Starts wagging its tail on seeing its owner

Licks you with all its saliva

Guess who is this lovable animal?

It is dog (called kukar and kutta in Hindi language)

 

 

 

Hindi Poem on Mosquito-मच्छर पर कविता


 

सर्दी की धूप में, गर्मी की छाँव में
शहर की भीड़ में, शांत सुखद गाँव में
कूड़े के ढेर में, पानी के गंदे संग्रह में
मैं मच्छर मिल जाता हूँ हर राह में
कभी मैं डेंगू फैलाऊँ
या मलेरिया मैं ले आऊँ
चिकनकुनिया हो या हो ज़ीका
बीमारी फ़ैलाने का मेरे पास तरीका
यदि रहना है मुझसे दूर
तो पहले रखो गंदे जल को दूर
घर में हो ओडोमॉस आल आउट का वास
लगा दो खूब सारे नीम के वृक्ष आस-पास
देर रात निकलो जो बाहर तो पहनो पूरे कपड़े
यह सब सावधानी से हम किसी को न जकड़ें

-अनुष्का सूरी