Hindi Poem Encouraging Change-Badalte Zamaane Ke Sath

बदलते ज़माने के साथ बदलते ज़माने के साथ हम भी बदलते गए जीवन में वक्त के साथ बदलते रंगो को जीवन में भरते गए। ज़माने में हर तरह के लोग मिले बस सब के साथ कदम मिलाकर आगे बढते गए हमारी तो क्या औकात है रास्ता तो ईश्वर ने दिखाया बस हम तो उस पर […]

Hindi Poems on Life- ज़िन्दगी का तज़ुर्बा

बे क़दरों  में रहे हम बे क़दरों में रहे हम क़दर हमें अपनी ही न थी कदरदानों में जाके देखा इतने बुरे तो हम भी नहीं सजती है मेरी शिरक़त से आज महफ़िल इतनी ऊँची क्या पता था ज़िन्दगी का तज़ुर्बा यह मुक़ाम देगा दौर हम पे ऐसे भी गुज़रा है ए हसीन जब बाज़ार […]

%d bloggers like this: