Hindi Poems on Life- ज़िन्दगी का तज़ुर्बा

बे क़दरों  में रहे हम बे क़दरों में रहे हम क़दर हमें अपनी ही न थी कदरदानों में जाके देखा इतने बुरे तो हम भी नहीं सजती है मेरी शिरक़त से आज महफ़िल इतनी ऊँची क्या पता था ज़िन्दगी का तज़ुर्बा यह मुक़ाम देगा दौर हम पे ऐसे भी गुज़रा है ए हसीन जब बाज़ार […]

Hindi Poems on Life-कुछ कर जाओ

कुछ कर जाओ अपने मुकाम को पाने के लिए एक बेटी हो आप- घर की जान हो तुम अगर आप टूट जाओ तो शरीर का क्या होगा एक बेटे हो आप- घर का अभिमान हो तुम अगर आप टूट जाओ , तो आपके गर्व का क्या होगा एक पिता हो आप- पूरे परिवार की सांस […]

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