Hindi Poem on Sleep-Neend


नींद तो जन्नत है ।
हर रात की मन्नत है ।

सुकून जिसमें है बहुत,
ये नींद की फितरत है।

क्या दर्द क्या चिंता है ।
ख्याबो में तो शोहरत है।

उनींदी आँखों से पूछो ,
नींद तो ज़रूरत है ।

जीवन से जब हो पलायन ,
हर वासना से उन्मत है ।

सक्रिय मुहूर्त के बाद ,
नींद तो जमैयत है।

-रीत (रितिका ) दाँगी

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Hindi Poem on Brave Soldiers-हम सैनिक हैं बड़े हठीले


हम सैनिक हैं बड़े हठीले,
हम कुछ भी कर जायेंगे।
अरि सुनकर पद ध्वनियों को,
वो दिल ही दिल में दहशत खायेंगे।
हम ऐसे वीर मतवाले हैं,
जैसे लड़ सको हम लड़ जायेंगे।
हम नहीं ठहरते पलभर भी,
बैरी का सीना चीर के आयेंगे।।
वीरगति चाहें भले मिले,
पर दुश्मन का अस्तित्त्व मिटायेंगे।।
-सर्वेश कुमार मारुत
फरीदपुर बरेली ( उत्तर प्रदेश)

Hindi Poem on Sleeplessness: Neend


नींद भी इतनी खफा है हमसे अब आयी तो सुबह न होगी,

कहती है जिंदगी को ज़हर देदो 
दवाओं में असर रहा नही,
खुद को अंधेरे में कैद कर लो 
अब कोई सवेरा नया नही ,

थक गया हूँ , थकान ऐसी की थकने की वजह मालूम नही,
आंखे कहती है नींद लेलो, 
मगर नींद कुछ खफा है हमसे, खफा इतनी की अब आयी तो सुबह न होगी ।

-आयुष बैद

Meri bhi apni shaili hai-I have my own poetry Genre


मेरी भी अपनी शैली है,
काव्यमय अद्भुत पहेली है,
अलंकारों से पूर्ण सुशोभित,
भाव रसों से बनी अलबेली है।
मेरी भी अपनी शैली है,
काव्यमय अद्भुत पहेली है।
आम समझ से परे है किंतु,
बात सरल सुरीली है,
आड़े- तिरछे समय में भी,
बात न टेढ़ी-मेढ़ी है,
मेरी भी अपनी शैली है,
काव्यमय अद्भुत पहेली है।
भाव सरस पर आम नहीं,
हथियारों का यहां कोई काम नहीं,
पंक्तियों की चोट अक्सर होती,
तलवारों से भी पैनी है,
मेरी भी अपनी शैली है,
काव्यमय अद्भुत पहेली है।

-मयंक गुप्ता

Motivational Poem-Abhi Shuruwat Hai


जब हिम्मत टूटने लगे समझना अभी शुरुआत है !!

मिट जाएगा अंधेरा होगा नया सवेरा ज्यादा नहीं बस दो-चार पल की रात है.
जब हिम्मत टूटने लगे समझना अभी शुरुआत है !!

ऐसे नहीं मिलती मंज़िलें रास्ते चुन लो सही.
चलते रहो बनकर पथिक काँटों की परवाह कर नहीं.

पैरों में जब छाले पड़ेंगे दर्द छोटी बात है.
जब हिम्मत टूटने लगे तो समझना कि अभी शुरुआत है!! 

बर्फ से पाला पड़ेगा रुकने ना देना कदम .
सूर्य भी पिघलाएगा तब पड़ ना जाना तुम नरम .

अरमान बहने दो ना अब इम्तिहान की बरसात है .
जब हिम्मत टूटने लगे तो समझना कि अभी शुरुआत है !! 

सफर आधा कर लिया हिम्मत लगी जब टूटने .
कमज़ोर तुझको देख सब इज्जत लगेंगे लूटने .
बन रहा कलंक क्यों ? दुष्टों की यहां बारात है.

जब हिम्मत टूटने लगे तो समझना अभी शुरुआत है !! 

जितनी भी ठोकर खा रहा तू गिर रहा उठ कर के चल. 
हृदय में पत्थर बांध ले हर बार गिर गिर कर संभल.
मत हार हिम्मत होगी कल मंज़िल से मुलाकात है.

जब हिम्मत टूटने लगे तो समझना कि अभी शुरुआत है !! 

ये रास्ते होंगे कठिन मज़बूत तुमको कर रहे.

कि लड़ सको यमराज से तुम व्यर्थ में क्यों डर रहे ? 
टिकता समर में वीर वो हर शस्त्र जिसको ज्ञात है .

जब हिम्मत टूटने लगे तो समझना कि – अभी शुरुआत है !! 

ऐसे बन जाओ तुम हर खतरों से जो लड़ सको.

अर्जुन सा बन कर लक्ष्य के हर दुर्ग पर तुम चढ़ सको.

कहता है आर्यन सिंह इम्तिहान के बाद नव प्रभात है .

जब हम मत टूटने लगे तो समझना अभी शुरुआत है !! 

क्रांतिकवि आर्यन सिंह यादव

Amazing Hindi Poetry Collection

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