Hndi poem on nav varsh

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Hindi Poem on New Year Blessings-Nav Varsh Ka Shubhashish

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नववर्ष का शुभ आशीष
हो उन्नत धरा अनाजों से,
हो विकसित नर विचारों से,
न जन्में लड़का और लड़की,
बस आंगन खिले संतानों से,
आगे बढ़ें मिल सब धर्म यहाँ,
प्रेम स्वर निकले हर इंसानों से,
यही सिखा गया हमें बीता अतीत,
है यही नव वर्ष का शुभ आशीष।
-मयंक गुप्ता

Poem on New Year-नव वर्ष दिल से मनाओ

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जो बीत गया पलों में उसको भूल जाओ,
मिलके ये नव वर्ष दिल से मनाओ,
प्यार से हँसते रहो,
प्यार से मुस्कुराओ,
बिखेर के हँसी हर चहरे पे
रोते चहरे को हँसाओ,
मिलके ये नव वर्ष दिल से मनाओ,
नव वर्ष का ये प्यारा हर लम्हा खास है,
लम्हे में छुपे हैं खुशियों के ख़ज़ाने,
लूट लो ये मिलके खुशियों के तराने,
खुशियों को प्यार से तुम इस वर्ष बुलाओ,
मिलके ये नव वर्ष दिल से मनाओ,
मंज़िल से कह दो इस वर्ष ना तू दूर है,
रास्तों से कह दो मंज़िल को सजाओ,
लेके दिया अंधेरे में हर तामस मिटाओ,
मिलके ये नव वर्ष दिल से मनाओ,
तरक्की हो समृद्धि हो,
हर घर में खुशहाली हो,
हर घर को खुशियों का जहां बनाओ,
मिलके ये नव वर्ष दिल से मनाओ|
-गौरव