Hindi Poem on God-अभिवादन हो

अभिवादन हो। ईश्वरीय प्रेम की एक झलक, मै अचरज मे ठहरा। काला हुआ संसार, चारो ओर अंधेरा। पावस अभिवादन हो। काली घटा चमन मेँ, सर्वत्र वीरान सा। एक तरंग ह्रदय मेँ कौँधी, वह ध्वनि किसकी थी। पावस अभिवादन हो। टूट पडा एक संदेश, जलद का भूलोक पर। तृप्त हुई धरती अंगार सी, बुझी प्यास मानो […]

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