Hindi Poem on Friendship-Dosti


दोस्ती

सब लोग साथ छोड दें तो,
तुम मे रा हाथ थाम लेना।

अगर मैं खुश हूँ तो ,
मेरे खुशी में शामील हो लेना।

अगर मैं उदास हूँ तो,
चुटकुले सुना कर हंसा देना।

अगर मैं गलत हूँ तो, डांट देना।

मन ने ठान ली है तुमसे मरते दम तक दोस्ती निभाने की
बस साथ कभी छोड़ मत देना।

मुझे प्यार जताना नहीं आता
तो मेरे गाली को ही मेरा प्यार समझ लेना।

-मानसी (रचनाकार)

Dosti

Sab log sath chod de to,
Tum mere hath tham lena.

Agar mai khush hu toh,
Mere khushi me shamil ho lena.

Agar mai udas hu toh,
Chutkule suna kar hasa dena.

Agar mai galat hu toh, dat dena.

Man ne than li hai tumse marte dum tak sath nibhane ki,

Bas sath kabhi chod mat dena.

Mujhe pyar jatana nahi ata,

toh mere gaali ko hi mera pyar samajh lena.

-Mansi (Rachnakar)

One thought on “Hindi Poem on Friendship-Dosti”

  1. दोस्ती क्या होता हैं, इस ख़ुदगर्ज़ जमाने में,
    यहाँ तो लोग दोस्त बनकर, दगा देने में हैं माहिर.

    मेरे भी निश्चल मन को छला, यहाँ कोई दोस्त बनकर,
    अभी तो किसिपे विश्वास करने से, मुझे डर लगता हैं.

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