Motivational Poem in Hindi-Himmat

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हिम्मत

हिम्मत खुद में पैदा कर ले,
हालातों से डटके लड़ ले।
तभी मिलेगा तुझको सकून,
कम न हो कुछ पाने का जनून।
हार गए जो खुद से ही,
पार नहीं पाओगे जग से।
नहीं पाओगे चैन कहीं भी
रखो तो तुम पग हिम्मत करके।
क्या जाने क्या माने जग को,
ये तो सदा ही डराता रहा सबको।
हिम्मत जिस में आ जाती हैं,
हार नहीं वो पाता, मंजिल करीब आती है।

-संजय कर्णवाल

Story of an Honest Person-सबको नाखुश मैं रखता हूँ

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साल फिर से बदल रहा है,
आज भी एक साईकिल पर सवार हूँ,
अपनी जरूरतें अलग रख कर, घर की ज़रूरतें पहले पूरी करता हूँ,
फिर भी न जाने सबको नाखुश मैं रखता हूँ,

माना कि कड़वी है बोली मेरी,
अपने हो या पराया, सच बोलकर,
सिर्फ उनकी अच्छाई चाहता हूँ,
फिर भी न जाने सबको नाखुश मैं रखता हूँ,

कच्ची उम्र में छूटा पिता का साया,
इसलिए अपने हल्के से बुखार में डर जाता हूँ,
एक पिता का मतलब अच्छे से समझता हूँ,

सख्ती और अनुशासन भी रखता हूँ,
अगर रख दे वो (बच्चे) किसी पर हाथ,
तो उसे लाकर, उनकी मुस्कान भी बनता हूँ,
फिर भी न जाने सबको नाखुश मैं रखता हूँ,

हमेशा अपने उसूलों पर चला हूँ,
गलत को गलत, और
सही को सही बोलता हूँ,
जिससे सबकी आँखो में खलता हूँ,
इसलिए सबको नाखुश मैं रखता हूँ…

-तृप्ति शर्मा

Hindi Poem on New Year-Naya Saal

decorating-christmas-tree-2999722_960_720नया साल

गुज़रे कल को जाने दो
नववर्ष को आने दो

गिले-शिकवे मिटाएंगे
गीत नये अब गाएंगे

एक -दूसरे से जानेंगे हम सब का हाल
देखो-देखो आया नया साल, आया नया साल

अच्छी बातों से सबक लें हम
सत्य के आंचल में दुबक लें हम

सत्य मार्ग पर गमन करें
झूठ से दूर रहेंगे

दुबक-दुबक कर जाना कि कितना खट्टा-मीठा था पुराने वर्ष का जाल
देखो-देखो आया नया साल,आया नया साल

मनमुटाव को दूर करें हम
जानें दिल की बात

भेद-भाव ना रखना कोई
जागेगी अब किस्मत सोई

होना है अब तो किस्मत से मालामाल
देखो -देखो आया नया साल, आया नया साल

द्रिग को ना करो प्लावन
नववर्ष भी काल प्रवाहिनी बन जाएगा

विनाशकारी ना हो न्यू ईयर
न बनने पाए केस कोई रियल

धन दौलत ना होने दो पर ना होना हंसी से भी कंगाल
देखो-देखो आया नया साल, आया नया साल

मन के अँधेरे चमन में
विवेक रूपी पुष्प हो

विघ्न बाधाओं का अभिनंदन करें हम
त्यागमय, दयावान और गौरव उज्जवल रहें हम

तारे बनकर उभरें हम, ताकी भविष्य बनें कमाल
देखो-देखो आया नया साल, आया नया साल

आहान करो कुछ कर्तव्यों का
तन,मन, धन से प्रण करो

सृष्टि के नवयुवक हम
सभ्यता,संस्कृति और प्रकृति से हम

सबके हित में हो हम नवयुवकों की चाल
देखो-देखो आया नया साल, आया नया साल

– रीत (रितिका) दाँगी

Hindi Poem on Elections in India-Kisko Vote Karu Main

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किसको वोट करूँ मैं ?

किसको वोट करूँ मैं ?
किसको वोट करूँ मैं भारत,
किसको वोट करूँ मैं ?
जिसने पटेल जी की मूर्ती बनवाई,
या जिसने लोगों को एकता में जोड़ा
किसको वोट करूँ मैं ?
जो सिर्फ विपक्ष की बुराइयाँ करता रहा,
या जो चुपचाप बुराई सुनता रहा
किसको वोट करूँ मैं ?
जो गाँधीजी का नाम ले, हिंसा करता रहा
या जो हिंसा सहता और देखता रहा
किसको वोट करूँ मैं ?
जो देश का सारा धन लेकर भाग गया,
या जो देश के धन से विदेश यात्रा करता रहा
किसको वोट करूँ मैं ?
जो गौ माता के नाम पर दो भाइयों को लड़ाता रहा
या जो खुले आम गौ माता का कत्ल करता रहा
किसको वोट करूँ मैं ?
सरहदों पर सैनिकों के बलिदान को राजनीति बनाता रहा
या जो बलिदान पर शोक व्यक्त करता रहा
किसको वोट करूँ मैं ?
पक्ष -विपक्ष के इस खेल में
आम आदमी हुआ परेशान,
सत्ता की होड़ में धूमिल हुई देश की शान ।
कोई हर उम्मीदवार का नारको टेस्ट करा दो,
कोई तो नेताओं के चेहरे से नकाब हटा दो,
कोई तो बता दो,
किसको वोट करूँ मैं भारत,
किसको वोट करूँ मैं ?

-अन्नपूर्णा

Hindi Poem on Defeat of Truth-Rota Sach

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रोता सच 

हाँ, देखा है मैंने,कोने में सच को रोता।
गुनहगार को देखा है, गहरी नींद में सोता ।
घुमते है जो, सच का नकाब पहने,
उनको देखा है मैने, अंधेरे में नफरत को बोता।
हाँ, देखा है मैने, कोने में सच को रोता।
दर-दर ठोकर खाते,देखा है मैंने सच को।
झूठी शान के आगे, झुकता देखा है पर्वत को।
गिड़गिड़ता रहा सच, इन्साफ के लिए,
ज़हर बनते देखा है, मैंने भी अमृत को।
झूठ के महासागर में, गहरा सच का गोता।
हाँ, देखा है मैंने, कोने में सच को रोता।
सच के पैरों तले से,ज़मीन देखी है मैंने खिसकती।
मासूम की आँखे, मैने देखी है सिसकती।
गुनहगार कह कर सच को,फांसी पर जब लटकाया।
एक माँ की आँखे, मैंने देखी है सुबकती।
झूठ के हाथों सच को,देखा है मैंने लुटते।
झुठ के कंधे पे,सच की अर्थी को देखा है मैंने उठते।
झूठ के हाथों ,सच को जब दफ़नाया।
कहने लगा सच मुझसे, क्या तू अब भी समझ नहीं पाया।
हम जैसों के साथ कभी, इन्साफ नहीं है होता।
हाँ, देखा है मैंने, कोने मे सच को रोता।
-गरीना बिश्नोई

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