Hindi poems on body organs

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Hindi Poem on Heart- मैं वही दिल हूँ

सब के अंदर धड़कता हूँ human-heart
हाँ मैं वही दिल हूँ
मेरे बिना है जीना मुश्किल
अगर हो जाऊँ बीमार तो मरना होगा तिल तिल
हाँ मैं वही दिल हूँ
मुझे लेकर हैं आशिक़ रचनायें रचते
मेरे खोने बदलने के होते हैं चर्चे
हाँ मैं वही दिल हूँ

-अनुष्का सूरी