Hindi Poem on Importance of Time-Waqt

वक़्त ना जाने वो पल हाथ से कैसे छूट गया ना जाने कब कैसे कोई अपना रूठ गया अनजान थी मैं हर एक वो चीज़ से ना कोई अंदाज़ा रहा और मेरा ख्वाब यू ही टूट गया पर अब मुझे समझ आ गया ख्वाब दूसरा आ जाएगा वक़्त लेकिन चला जाएगा वक़्त ऐसी चीज़ है […]

Hindi Poems on Time- रफ़्तार से

चल रहा है वक्त धीमी रफ़्तार से चल रही हूँ में धीमी रफ़्तार से ना जाने क्यूँ चल रहा है वक़्त ना जाने क्यूँ चल रही हूँ मैं धीमी रफ़्तार से ख़ुशी के वक़्त चलता वक़्त तेज़ रफ़्तार से दर्द के वक़्त चलता वक़्त धीमी रफ़्तार से शायद चल रहा है दर्द मेरे अंदर धीमी […]

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