काव काव करता ही जाये काला कौआ खूब सताये झूठ बोलो तो ये आ जाये आके चोंच मार भी जाये काला रंग इसको सुहाये लालच इसके मन में समाये दाना दो तो ये ले जाये अंडा हो तो ये आ जाये चलाकी इसकी रग रग समाये कोयल से फिर भी मार खाये
मेरे पूज्य पिता जी है सबसे बहादूर वो सबसे बलवान उनकी सूझ बुझ के आगे कहाँ टिक सके कोई शैतान वो मुझको अच्छी बातें सिखाते मुशीबत से डट क लड़ना बताते बाबा कहते है संघर्ष करो मुश्किल से न तुम डरो खूब मेहनत सच्चाई क साथ जीत होगी तुम्हारे हाथ | – अनुष्का सूरी
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