Hindi Poem on Earthquake-भूकंप पर कविता


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जब जब ये धरती कुछ डोले
भूकंप के आने लगें हिचकोले
फ़ौरन भागो अंदर से बाहर भोले
सोशल मीडिया वॉट्सएप कुछ भी बोले
भूचाल एक ऐसी है घटना
जिसपर ज़ोर नहीं है अपना
कब आएगा कितनी अवधि
कभी कुछ पता ही नहीं
इसीलिए तुम करो विचार
क्या सुरक्षित है तुम्हारा घर बार
घर ऑफिस की जांच कराओ
भूकंप की सहनशीलता नपवाओ
अगर बनना है सुरक्षित श्रीमान
तो रहना होगा सदा सावधान
– अनुष्का सूरी

 

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