
है नया साल
है नया जोश
है नयी उमंग
है नयी तरंग
है नयी सुबह
है नयी शाम
है नयी धरती
है नया गगन
मन में है
उल्लास भरा
सफल होने का
विश्वास भरा
हो गया आगमन
नए साल का
शुरू होगा
इतिहास नया
आओ करें मिलकर स्वागत
इस नव वर्ष का
- अनुष्का सूरी

है नया साल
है नया जोश
है नयी उमंग
है नयी तरंग
है नयी सुबह
है नयी शाम
है नयी धरती
है नया गगन
मन में है
उल्लास भरा
सफल होने का
विश्वास भरा
हो गया आगमन
नए साल का
शुरू होगा
इतिहास नया
आओ करें मिलकर स्वागत
इस नव वर्ष का

मेरा भाई है सबसे अच्छा
मेरा भाई है सबसे प्यारा
उसके ऊपर मैंने
अपना सब कुछ वारा
उसकी कलाई पर
सजेगी मेरी राखी
साथ में होगा
तिलक और बाती
खिलाऊँगी मैं उसको
अपने हाथों से बनायीं खीर
वही है मेरा अनमोल रतन
वही है मेरा वीर
हर राखी हर त्यौहार
संग मनाना मेरे भईया
-अनुष्का

स्वप्निल हिंदुस्तान
ऐसा देश हमारा हो,
गर्व से मस्तक उन्मुख हो,
ऐसा स्वाभिमान हमारा हो ,
ऐसा देश हमारा हो |
क्या राजा क्या प्रजा ,
किसी का एकाधिकार ना हो ,
वस्त्र ,विहार,आहार , सर्वसुलभ हो ,
ऐसा देश हमारा हो |
जैसा इतिहास था ,
उससे उज्जवल भविष्य हो ,
समाहित हो जाये पश्चिम ,
जो प्रबल है पूरब की ओऱ ,
इतनी विशाल संस्कृति हमारी हो ,
ऐसा देश हमारा हो |
तम को चीरता ,
सूरज की पहली किरण से,
हर रोज एक हँसता हुआ ,
सबेरा हो ,
ऐसा देश हमारा हो |
अज्ञान का अंधकार कभी ना होने पाये ,
हर घर में ज्ञान का ,
एक दिया आलोकित हो ,
ऐसा देश हमारा हो |
भर दो यहाँ के दिलो में ,
इतना प्यार ,
वसुधैव कुम्ब्कम्ब ,
हमारी पहचान हो ,
ऐसा देश हमारा हो ,
ऐसा स्वप्निल हिंदुस्तान हमारा हो
-प्रियांशु शेखर
