Category Archives: Hindi Poem on Politics and Power

Hindi Poem on BJP Government – नई सरकार आयी है


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नई सरकार आयी है, भई नई सरकार आयी है
जब से है ये आयी ,बस सुर्खियों में छायी,
दुनिया के हर कोने में बस तालिया बजवाई
अंतरिक्ष में भी अपनी कौशलता दिखलाई है
नई सरकार आयी है, भई नई सरकार आयी है

अब नोट हुए रद्दी ,बाकियों की गई गद्दी
जहाँ छाप नहीं थी इनकी, वहां दोस्ती फैलाई है
नई सरकार आयी है, भई नई सरकार आयी है

नेता है इनके ऐसे ,जो कुछ भी हैं कह सकते
जो ज्यादा हैं कह देते ,उनको ये बदलते
डिजिटल और मेक इन इंडिया ने भी इनकी ख्याति बढ़ाई है
नई सरकार आयी है, भई नई सरकार आयी है

अब ट्विटर हो या फेसबुक ,बस इनका ही ज़माना
जाओ चाहें कहीं भी बस सेल्फी ही लगाना
बेटी बचाओ सेल्फी, घर की सफाई सेल्फी
अब तो टॉयलेट तक की सेल्फी ,लोगों ने लगायी है
नई सरकार आयी है, भई नई सरकार आयी है

अब तो भगवा ही रंगा है औरो का भी मज़ा है
कला धन वालों को मिलनी, अब सजा है
जियो और जीसटी ने तो सबकी वाट ही लगाई है
नई सरकार आयी है, भई नई सरकार आयी है
– सुमित

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Hindi Poem on Farmer-किसानो की जमीने


किसानो की जमीने मकान बेच देगें
पूँजीपतियों के लिए जहान बेच देंगे

सिंघासन को अपनी जागीर समझ रखा
बस चले उनका तो संविधान बेचे देगें

दुनियाँ जानती है हमे बुद्ध के नाम से
एक दिन ये हमारी पहचान बेच देगें

कुछ नहीं बचेगा देश में बेंचने को तब
एक एक करकेे सब इन्शान बेचे देगें

चुप रही जनता अगर आज भी ऐसे तो
देख लेना कल ये हिन्दुस्तान बेच देगें।

– राहुल रेड

kisano ki jamine makan beich denge
Punjipatiyon ke liye jahan beich denge

sighasan ko apni jagir samjh rakha
bas chale unka to savidhaan beich denge

duniya janti hai hame budh ke naam se
ek din ye hamari pehchan beich denge

Kuch nai bachega desh me bechne ko tab
ek ek kar ke sab Insaan beich denge

chup rahi janta agar aaj bhi aise to
dekh lena kal ye hindustaan beich denge

– Rahul Red

Hindi Poem on Politics and Power – सियासत एक जंग


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सियासत से आजाद हुआ भारत देश
आज सियासत मे उलझ रहा है
कभी गुलामी एक दौर बनकर गुजरा
आज असहिष्णुता का दौर चल रहा हैै।

भारत जाना जाता था अनेको नाम से
आज ‘हिन्दुस्तान’ न बोलने को कह रहा है
अनेको नारे लगाते थे लोग इस देश मे
आज ‘भारत माता की जय’ बोलने पर लड रहा है ।

कोई अखबारो मे छा चुका है
कोई छाने का प्रयास कर रहा है
खुद तो कुछ कर नही सकता
जो करता है उसकी आलोचना कर रहा है ।

कोई दुनिया के दौरे पर है
तो कोई भारत दौरे पर घुम रहा है
कोई अनेको योजनाएंं ला चुका है
तो कोई उन योजनाओ पर बहस कर रहा है।

कोई आरक्षण के खिलाफ लड़ रहा है
कोई आरक्षण के लिए लड़ रहा है
आन्दोलनो से घिरा है अपना देश
पूछता है आखिर क्या चल रहा है।

किसकी तारीफ और किस की बुराई करुं
यहां तो हर कोई अपना काम कर रहा है
यह सब देखकर इतना तो कह सकता हूं
भारत में सरेआम ‘fogg’ चल रहा है।

-नीरज चौरसिया

Siyatsat se aajad hua bharat deish
Aaj siyasat me uljh rha hai
Kbhi gulami ek daur bn kr gujra
aaj ashishnuta ka daur chal rha

Bharat jana jata tha aneko nam se
Aaj hindustaan na bolne ko kh rha hai
Aneko nare lgate they es deish me
Aaj bahrat mata ki jai bolne pr lad rha hai

Koi akhbaro main cha chuka hai
Aneko nare lgate they es deish me
Aneko nare lgate they es deish me
Aaj bahrat mata ki jai bolne pr lad rha hai

Koi duniya k daurei par hai
To koi bharat daurei pr ghum rha hai
Koi aneko yojnaye la chuka hai
To koi un yojnao pr bhas kar rha hai

Koi aarkshan k khlaf lad rha hai
Koi aarkhshan k liye lad rha hai
Aandolano se ghira hai apna deish
Phuchta hai aakhir kya chl rha hai

Kiski tarif aur kis ki burai krun
Yha to koi apna kam kr rha hai
Yh sb dekh k etna to kh skta hu
Barat me sreaam “fogg” chl rha hai

– Niraj Chaurasiya