Category Archives: Hindi Poem on Objects

Hindi poem on earth – धरती माँ

dharti

माटी से ही जन्म हुआ है
माटी में ही मिल जाना है
धरती से ही जीवन अपना
धरती पर ही सजे सब सपना
सब जीव जन्तु धरती पर रहते
गंगा यमुना यही पर बहते
सब्जी फल यहाँ ही उगते
धन फसल यहाँ ही उपजे
धरती माँ की देख रेख कर
हमको फर्ज़ निभाना है

– अनुष्का सूरी

 

Mati se hi janam hua hai
Mati mein hi mil jana hai
Dharti se hi jeevan apna
Dharti par hi saje sab sapna
Sab jeev jantu dhara par rahte
Ganga Yamuna yahi par bahte
Sabji Fal yahan hi ugte
Dhan Fasal yahan hi upje
Dharti ma ki dekh rekh kar
Hamko farz nibhana hai

-Anushka Suri

Hindi Poem on Flowers – प्यारे प्यारे फूल

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प्यारे प्यारे फूल
रंग बिरंगे प्यारे फूल
कितने कोमल कितने नाज़ुक
खींचे सबको अपनी और
खुशबू दूर दूर तक फैलाते
सबको अपने पास बुलाते
तुम भी बन कर फूल जैसे
सजा दो धरती को बग़ीचे जैसे

-अनु बाला

 

Pyare pyare phool
Rang birnge pyare phool
Kitne komal kitne najuk
Khinche sabko apni auor
Khushbu dur dur tak falate
Sbko apne paas bulate
Tum bhi ban kr phool jaise
Sja do dhrti ko bagiche jaise

– Anu bala

Hindi Poem on Water – जल पर कविता

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जल ही है जीवन
जल ही है कारण
जल में ही पृथ्वी समाई
जल में ही जीवन की सच्चाई
जल के बिन मीन का ना जीवन
जल के बिन प्यासा जल उपवन
जल से ही होती है खेती खलियारी
जल से ही ही बनी है देह हमारी
जल ही है जो बरसता बन सावन
जल ही है जो देता है बंजर को जीवन
जल ही है पावन
जल ही है मंगल
जल ही है जन धन
जल ही है जन धन

– अनुष्का सूरी

Hindi poem on sun- सूरज हमारा

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सबसे तेज वाला
आग का एक बड़ा गोला है
इससे जन जीवन है
वरना धरती बर्फ का गोला है
इस से मिलती है ऊर्जा
इस से मिलती है प्रेरणा
इसको मानते हैं देवता
इसकी होती है अर्चना
हमारे शौर मंडल का सबसे बड़ा तारा
हाँ, ये तो है सूरज हमारा
– अनुष्का सूरी

Hindi Poem on Moon -चाँद

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रात का जब है घनघोर साया
तब आकाश में चाँद जगमगाया
टिमटिमाते तारों के आँगन में
गोल चकोर मन को भाया
चाँद की शीतल चांदनी ने
दबी आकाँक्षाओं को जगाया
चाँद कहता है सबसे रोज़
इंसान तू हार से क्यों घबराया
देख मुझे मेरे दाग देख
मुझपर बहुतों ने आरोप लगाया
मैं निडर सफ़ेद चादर ओढ़
आज फिर दोबारा यहीं आया
-अनुष्का सूरी