
लाल लाल ताज़ा ताज़ा
मीठा मीठा सेब
खायें इसे बच्चे नर नारी
पास न आये कोई बीमारी
विटामिन आयरन सब भरपूर
खाना इसको तुम भी ज़रूर
– अनुष्का सूरी

लाल लाल ताज़ा ताज़ा
मीठा मीठा सेब
खायें इसे बच्चे नर नारी
पास न आये कोई बीमारी
विटामिन आयरन सब भरपूर
खाना इसको तुम भी ज़रूर
– अनुष्का सूरी
मैं हूँ हरी हरी
बीजों से कुछ कुछ भरी भरी
मैं हूँ गोल तिकोनो में सजी धजी
छोटी छोटी पतली पतली
लगाती हूँ सफ़ेद बिंदी
खाओ मेरी सब्जी बनाके
करो चित्रकारी
या मुझे रंग लगा के
पालन पोषण मैं हूँ करती
मैं हूँ ओकरा मैं नहीं डरती
लेना हो जो मेरा नाम हिंदी
तो कह दो चाहिए तुमको भिन्डी
-अनुष्का सूरी
कहते हैं इसको फलों का राजा
इस से बनता है स्लाइस और माज़ा
खाओ इसको ठंडा ठंडा
यही है असली मिठास का फंडा
इसका चाहे शेक बना लो
चाहे आइसक्रीम बना के खालो
चाहो तो गुठली को मिटटी में डालो
और इसका पेड़ लगा लो
कच्चा हो तो आचार बना लो
पका हो तो जूस बना लो
बूझो बूझो कौन है ये?
हाँ है ये वही रसीला आम
-अनुष्का सूरी
हूँ सबकी चाहत 
हूँ सबकी ज़रूरत
सबका पेट भरती हूँ
हाँ मैं रोटी हूँ
गोल गोल है मेरा आकर
सब्जी के साथ बनाऊँ पौष्टिक आहार
चाहे हो बच्चा, बूढ़ा या हो जवान
रोटी खाकर ही आती हा तन में जान
दिखने में भूरा हूँ 
शकल से भालू हूँ
हाँ मैं आलू हूँ
मुझे समोसे में है भरते
कभी कट्लेट बना के तलते
कभी मैं हूँ बैंगन का साथी
कभी मटर का साथ निभाता
कोई मुझे उबाल के खुश है
कोई है तलकर फ्रेंच फ्राइस बनाता
मेरे साथ पूरी कचौड़ी खाओ
मेरे परांठे लस्सी के साथ चबाओ
सब सब्जियों के साथ निभालूँ
हाँ मैं हूँ वही आलू