Hindi poems on dear mother

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Hindi Poem for Beloved Mother – मन मंदिर तुझे सजाऊंगा

maa

कौन मुझे इस जग में लाया
किसने अपना दूध पिलाया
किसने मुझे चलना सिखाया
किसने मेरा दर्द अपनाया
कौन करे मुझ पर सब बरबस
कौन मनाये मेरा जन्म हर बरस
कौन चाहे मेरी मुस्कान सदा
कौन जाने मेरी सही सज़ा
कौन खुश होगा देख मेरी तरक्की
कौन चाहेगा मेरी नौकरी हो पक्की
कौन रोयेगा जब मैं रोऊँ
कौन रोयेगा जब मैं हंसु
कौन कहेगा करो पढाई
कौन कहेगा कहानी है पिटाई
कौन खिलायेगा मुझे रोटी
कौन सुनाएगा कहानियां छोटी
कौन खिलायेगा मीठी खीर
कौन अपनाएगा मेरी पीर
कौन करेगा मेरी चिंतन
कौन करेगा मेरा ह्रदय मंजन
जब से जब में आया हूँ
जब इस जग से जाँऊगा
तेरा नाम लेकर ही माँ
मन मंदिर तुझे सजाऊंगा

-अनुष्का सूरी