Patriotic Hindi Poem-Desh

देश मेरे देशवासियों अब तो नींद छोड़ो दिनकर निकल गया है सवेर हो रहा है दुनिया में हर तरफ भोर हो रही है अज्ञानता की रातें कब की गुजर गई हैं इस सोई हुई फ़िज़ा में एक ख्वाब दिख रहा है देखो सूरज के तेज से आलोक आ रहा है इस निकली हुई सुबह में […]

Hindi poem on India-देश का दुश्मन

देश का दुश्मन वही नहीं होता है जो सीमाओं पर हमला करता है जो आतंक फैलाता है स्मगलिग करता है। देश का दुश्मन वह भी होता है जो विकास की फाईले लटकाता है विकास के नाम पर गावों को उजाड़ता है दवाओं के अभाव मे बच्चो को मारता है शिक्षा -स्वास्थ्य के मौलिक हक को […]

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