Hindi Poem on Fear of Death-Mrityu Ka Bhaya

मृत्यु का भय जब बुढ़ापा आता है, मृत्यु का भय सताता है। कल रहूँ या ना रहूँ , हर पल डराता है! जब बुढ़ापा आता है ।। जो आता है वह जाता है, प्रकृति ऐसे नियम क्यों बनाता है?? इस नियम को वह तोड़ता क्यों नहीं? “मृत्यु कि दिशा” को मोड़ता क्यों नहीं?? जब बुढ़ापा […]

Missing a Loved One Poem in Hindi-Kahi Tum Zinda Ho

कहीं तुम ज़िंदा हो (कविता का शीर्षक) धुंधली सी उन तस्वीरों में आज भी कहीं तुम ज़िंदा हो दिल के उन दरवाज़ों पर आज भी कहीं दस्तक देते हो हर कोई कोशिश करता है आज भी कमी को भरने की धुंधली सी उन तस्वीरों में आज भी कहीं तुम ज़िंदा हो.. आँखों के वो परदे […]

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