Hindi Poems on Life

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Read Hindi poems on life – ज़िन्दगी पर कविता पढ़ें . This collection has original Hindi poems on Zindagi.

 

Hindi Poem on Banyan Tree-Main to Bargad Hu

मैं तो बरगद हूं… एक ज़माने से।

आध्यात्म की एक आदिम सी पोथी में किसी बसन्ती से पृष्ठ पर मेरा ब्यौरा कुछ यूं है,

“मैं तो बरगद हूं एक ज़माने से, हूं ठहरा ठहरा सा काल बिन्दु पर… एक ज़माने से ।

तपते तनों की तपिश हरना, भटके मुसाफिरों को शरण देना हैं कुछ काम मेरे एक ज़माने से,

आध्यात्म की एक आदिम सी पोथी में किसी बासंती से पृष्ठ पर मेरा ब्यौरा कुछ यूं है।

रचनाकार: हरेंद्र सिंह लोधी।

In an old book of spirituality

On a yellow page My details are like this:

“I am a banyan For a long time, I have been At a time point For a long time,

To protect hot bodies from heat,

Sheltering wandering travelers I have some work

For a long time,

In an old book of spirituality

On a yellow page my details are like this.

Poet: Harendra Singh Lodhi.

उपर्युक्त काव्य रचना व्यक्ति को आध्यात्मिक होकर उसे परसेवा की सीख देती है और उसे मनुष्य जीवन का महत्व बताती है।

Philosophical Poem on Life-Ehsas

एहसास

न दिन होता,

न रात होती तो ज़िन्दगी यूँ ही तमाम न होती न समय की धारा होती ,

न पलों का हिसाब होता न रंजिशें होती,

न शिकवा होता दूर दूर एक फैला समंदर होता

आकाश तारों से आच्छादित होता कभी मैं सागर की तरंगें बनती ,

तो कभी तारों से खेलती आँख मिचौली न अपने होने का एहसास,

न चिंता कोई भी एक अविरल धारा में बहती हुई कभी चैतन्य में विलीन ,

तो कभी चैतन्य स्वरुप आकार में स्थित उस शिल्पकार की कृति…..

कभी व्यक्त तो कभी अव्यक्त

-सुरेखा कोठारी

Ehsas

Na din hota,

na raat hoti to,

Zindagi yun hi tamaam na hoti

Na samay ki dhaaraa hoti,

Na palon ka hisaab hota na ranjishein hoteen,

Na shikwa hota dur dur tak ek faila samander hota

Aakaash taaron se achhadit hota kabhi main saagar ki tarangen banti,

To kabhi taaron se khelti aankh michauli na apne hone ka ehsaas,

Na chinta koi bhi ek aviral dhaara mein behti hui kabhi chaitanya mein vileen,

To kabhi chaitanya swaroop aakaar mein sthit us shilpakaar ki kriti…..

kabhi vyakt to kabhi avyakt

-Surekha Kothari